KP Green Engineering IPO: फैब्रिकेटेड और हॉट-डिप गैल्वनाइज्ड स्टील प्रोडक्ट बनाने वाली केपी ग्रीन इंजीनियरिंग का इश्यू 15 मार्च को खुला। पहले ही दिन यह 1.75 गुना सब्सक्राइब हो गया। इसे भारत में SME सेगमेंट का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू बताया जा रहा है। कंपनी का इरादा 189.50 करोड़ रुपये जुटाने का है। IPO में अब तक क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 1.69 गुना, रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 1.96 गुना और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 1.32 गुना सब्सक्राइब हुआ।
इस IPO में पैसे लगाने के लिए 19 मार्च तक मौका रहेगा। आईपीओ में 1,31,60,000 नए शेयर जारी किए जा रहे हैं। प्राइस बैंड 137-144 रुपये प्रति शेयर रखा गया है। इश्यू क्लोज होने के बाद शेयरों की लिस्टिंग BSE SME पर 22 मार्च को हो सकती है। कंपनी ने एंकर बुक में 54 करोड़ रुपये जुटाए।
लॉट साइज और ग्रे मार्केट प्रीमियम
IPO में बोली लगाने के लिए मिनिमम लॉट साइज 1000 शेयरों का है। आईपीओ के लिए Beeline Capital Advisors Pvt Ltd बुक रनिंग लीड मैनेजर और Bigshare Services Pvt Ltd रजिस्ट्रार है। मार्केट मेकर Spread X Securities है। investorgain.com के मुताबिक, ग्रे मार्केट में KP Green Engineering के शेयर अपर प्राइस बैंड 144 रुपये से 40 रुपये या 27.78 प्रतिशत के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं।
KP Green Engineering IPO का रिजर्व हिस्सा
KP Green Engineering के प्रमोटर डॉ. फारुखभाई गुलामभाई पटेल और हसन फारुख पटेल हैं। वर्तमान में प्रमोटर्स की कंपनी में हिस्सेदारी 90.37 प्रतिशत है। IPO के बाद यह घटकर 66.59 प्रतिशत पर आ जाएगी। आईपीओ में 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है। मार्केट मेकर के लिए 6.58 लाख शेयर रिजर्व हैं। मार्केट मेकर के लिए रिजर्व हिस्सा निकालने के बाद बचा हुआ इश्यू, नेट इश्यू है।
IPO के पैसों का कैसे होगा इस्तेमाल
KP Green Engineering के प्रोडक्ट्स में लैटिस टॉवर, सबस्टेशन स्ट्रक्चर, सोलर मॉड्यूल माउंटिंग स्ट्रक्चर, केबल ट्रे, अर्थिंग स्ट्राइप्स और बीम क्रैश बैरियर शामिल हैं। कंपनी आईपीओ से होने वाली कमाई में से 156.1 करोड़ रुपये नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने पर खर्च करेगी। बाकी पैसों का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। वर्तमान में कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी वडोदरा में है। कंपनी का इरादा भरूच में नई यूनिट लगाने का है। इसकी मदद से कंपनी अपना प्रोडक्शन बढ़ाने के साथ-साथ अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो का विस्तार भी करना चाहती है।