LG Electronics India IPO: दक्षिण कोरिया की एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स की सब्सिडियरी कंपनी एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया ने अपने आईपीओ के लिए सेबी के पास कागजात दाखिल किए हैं। इस पब्लिक इश्यू के तहत पैरेंट कंपनी अपनी 15 फीसदी हिस्सेदारी या लगभग 10.18 करोड़ से ज्यादा शेयर बेचेगी। यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) पर बेस्ड है और इसमें नए शेयर जारी नहीं किए जाएंगे। एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया को आईपीओ से कोई आय नहीं मिलेगी और जुटाई गई सारी धनराशि इसकी पैरेंट कंपनी एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स को जाएगी।
15% कम हो जाएगी पैरेंट कंपनी की हिस्सेदारी
आईपीओ के बाद एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंक की हिस्सेदारी 15 फीसदी कम हो जाएगी, जिससे कंपनी में इसकी हिस्सेदारी घटकर 57.69 फीसदी रह जाएगी। आईपीओ के साथ एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया का लक्ष्य पब्लिक मार्केट में अपनी मौजूदगी बढ़ाना और अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत करना है। मजबूत मार्केट लीडरशिप और ग्लोबल सपोर्ट के बावजूद कंपनी को कंपटीशन, मैन्युफैक्चरिंग कमजोरियों और कई बिजनेस ऑपरेशन के लिए एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स पर निर्भरता से संबंधित चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
LG Electronics India IPO की खास बातें
एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया के आईपीओ का ऑफर साइज 10.18 करोड़ शेयरों का है। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का 60 फीसदी हिस्सा एंकर निवेशकों को आवंटित किया जाएगा, जबकि एक तिहाई हिस्सा घरेलू म्यूचुअल फंडों के लिए रिजर्व रहेगा।
एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया ने वित्त वर्ष 24 में 64,087.97 करोड़ रुपये कमाए हैं। कंपनी नोएडा और पुणे में काम करती है, जिसकी स्थापित कैपिसिटी 1.4 करोड़ प्रोडक्ट्स की है। कंपनी का लक्ष्य इस आईपीओ के साथ विजिबिलिटी बढ़ाना, ब्रांड वैल्यू को बढ़ावा देना और लिक्विडिटी क्रिएट करना है।
LG Electronics India का कारोबार
एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया एक कैपिटल-एफिशिएंट बिजनेस मॉडल संचालित करती है, जिसमें हाई ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी है। कंपनी को होम अप्लायंस में ग्लोबल लीडर LG Electronics का सपोर्ट मिलता है। कंपनी भारत भर में कंप्रिहेंसिव डिस्ट्रीब्यूशन और ऑफ्टर सेल्स सर्विस नेटवर्क का दावा करती है।
हालांकि, कमजोरियों की बात करें तो कंपनी बिजनेस सपोर्ट, प्रोडक्ट डिजाइन, टेक्नोलॉजी और एक्सपोर्ट के लिए एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स पर बहुत अधिक निर्भर है। इस संबंध में कोई भी दिक्कत कंपनी को प्रभावित कर सकती है। इसके अलावा, कंपनी की निर्भरता दो मुख्य मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स (नोएडा और पुणे) पर है।
कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और होम अप्लायंस मार्केट में बहुत अधिक कंपटीशन हैं। वित्त वर्ष 22 में मोबाइल फोन बाजार से एलजी के बाहर निकलने से इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में और कमी आई है। कंपनी सीमित संख्या में सप्लायर्स पर निर्भर है, जिसमें 31.44% कच्चा माल इसके टॉप 10 सप्लायर्स से आता है।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना हेतु दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।