LIC का आईपीओ 4 मई को खुल जाएगा। एलआईसी ने पॉलिसीहोल्डर्स के लिए कोटा तय किया है। 10 फीसदी शेयर पॉलिसीहोल्डर्स के लिए रिजर्व होंगे। रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 35 फीसदी हिस्सा रिजर्व होगा। एलआईसी के एंपलॉयीज के लिए 0.71 फीसदी पोर्शन रिजर्व होगा। हम आपको बता रहे हैं कि इस इश्यू में अप्लाई करने के क्या-क्या ऑप्शंस हैं।
अगर आप पॉलिसीहोल्डर्स, एंप्लॉयीज या रिटेल कोटे के तहत अप्लाई करते हैं तो अपने डीमैट अकाउंट से आप मैक्सिमम 2 लाख रुपये मूल्य तक के लॉट के लिए अप्लाई कर सकते हैं। अगर आप तीनों कैटेगरी में अप्लाई करते हैं (अलग-अलग डीमैट अकाउंट से) तो आप छह लाख रुपये तक के लॉट के लिए अप्लाई कर सकेंगे। आपको यह ध्यान रखना होगा कि अलग-अलग कैटेगरी के इनवेस्टर्स के लिए प्राइस में अलग-अलग डिस्काउंट है।
अगर पॉलिसीहोल्डर्स कोटे में आपका अप्लिकेशन मंजूर हो जाता हो तो आपको प्रति शेयर 60 रुपये का डिस्काउंट मिलेगा। रिटेल इनवेस्टर्स और इंप्लॉयीज के लिए डिस्काउंट 45 रुपये प्रति शेयर रखा गया है।
आप चाहे किसी कोटे के तहत शेयरों के लिए अप्लाई करें, आपको प्राइस बैंड के ऊपरी प्राइस पर अप्लाई करना चाहिए। अगर आप 2 लाख रुपये से ज्यादा मूल्य के शेयरों के लिए अप्लाई करना चाहते हैं तो आप नॉन-इंस्टीट्यूशनल कोटा (NII) के तहत अप्लाई कर सकते हैं। लेकिन, आप ऐसा करते हैं तो फिर रिटेल कोटा के तहत आप अप्लाई नहीं कर सकेंगे। अगर आप गलती से दोनों कोटे के तहत अप्लाई कर देते हैं तो आपके दोनों अप्लिकेशन रिजेक्ट हो जाएंगे।
यह भी याद रखें कि नॉन-इंस्टीट्यूशनल कोटे के लिए प्राइस में किसी तरह का डिस्काउंट नहीं है। NII कोटा मुख्य रूप से हाई-नेटवर्थ इंडिविजुअल के लिए होता है। आप कह सकते हैं कि यह ऐसे इनवेस्टर्स के लिए होता है, जो बड़ी रकम इनवेस्ट करते हैं। LIC के आईपीओ में 15 फीसदी हिस्सा NII के लिए रिजर्व है।
आपको कम से कम एक लॉट के लिए अप्लाई करना होगा। एक लॉट में 15 शेयर हैं। इस तरह प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर आपको कम से कम 14,235 रुपये इनवेस्ट करने होंगे। इसका मतलब है कि आप मैक्सिम 14 लॉट के लिए अप्लाई कर सकते हैं।
एलआईसी ने कहा है कि जिन लोगों ने 13 फरवरी या इससे पहले कंपनी की पॉलिसी खरीदी है, वे पॉलिसीहोल्डर्स कोटा के तहत अप्लाई कर सकते हैं। एलआईसी की ग्रुप पॉलिसी के तहत आने वाले लोग पॉलिसीहोल्डर्स कोटे के तहत अप्लाई नहीं कर सकेंगे।
एंकर इनवेस्टर्स को छोड़ दूसरे सभी इनवेस्टर्स को ASBA प्रोसेस के तहत अप्लाई करना होगा। इसमें बिड अमाउंट की रकम आपके बैंक खाते में ब्लॉक कर दी जाएगी। अगर कंपनी आपको शेयर एलॉट करती है तभी यह रकम आपके बैंक अकाउंट से निकलेगी।
यूपीआई मोड से भी अप्लाई हो जाएगा। यूपीआई मैनडेट रिक्वेस्ट को एक्सेप्ट करने के बाद बिड अमाउंट आपके बैंक अकाउंट में ब्लॉक हो जाएगा। आप दूसरे व्यक्ति की यूपीआई आईडी या बैंक अकाउंट का इस्तेमाल बिडिंग के लिए नहीं कर सकते। अगर आप ऐसा करते हैं तो आपका अप्लिकेशन रिजेक्ट हो जाएगा।