LIC IPO : डिसइनवेस्टमेंट सेक्रेटरी तुहीन कांत पांडे (Tuhin Kanta Pandey) ने भारतीय जीवन बीमा निगम (Life Insurance Corp) यानी LIC के पब्लिक इश्यू को सफल बताया है। LIC IPO सोमवार की शाम तक लगभग तीन गुना सब्सक्राइब हो चुका था। पांडे ने कहा कि वह लिस्टिंग के दिन बढ़त को लेकर खासे आशावादी हैं।
LIC IPO में पॉलिसीहोल्डर्स (Policyholders) को 60 रुपये, वहीं कर्मचारियों और खुदरा निवेशकों को 45 रुपये के डिस्काउंट की पेशकश की गई है। इश्यू के लिए प्राइस रेंज 902 रुपये और 949 रुपये प्रति शेयर के बीच तय की गई है। एलआईसी का आईपीओ 17 मई को एक्सचेंज में लिस्ट हो सकता है और इससे पहले 12 मई को शेयरों का अलॉटमेंट हो सकता है।
प्रीमियम के लिहाज से दुनिया की 5वीं बड़ी कंपनी है एलआईसी
ग्रे मार्केट (grey market) में LIC के शेयर 40 रुपये से कम के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं, जो पहले 100 रुपये के आसपास था। कई विदेशी निवेशकों और कई घरेलू म्यूचुअल फंड हाउसेज (mutual fund houses) ने 2 मई को क्लोज हुई एंकर बुक के लिए बिड लगाई थी।
66 साल पुरानी कंपनी का 28 करोड़ से ज्यादा पॉलिसी के साथ भारत के इंश्योरेंस सेक्टर पर वर्चस्व है। 2020 में इंश्योरेंस प्रीमियम कलेक्शन के लिहाज से एलआईसी दुनिया की पांचवीं बड़ी बीमा कंपनी थी।
भारतीयों ने अपने दम पर बनाया आईपीओ को सफल
एफआईआई से इस आईपीओ से विदेशी निवेशकों के दूरी बनाने को लेकर पांडेय ने कहा, “उनकी अपनी पसंद है लेकिन हमें इसके सकारात्मक पहलू को देखना चाहिए। यह आईपीओ आत्मनिर्भर भारत का उदाहरण है। इतने बड़े इश्यू को भारतीयों ने अपने बल पर सफल कर दिया। खुदरा निवेशकों के उत्साह ने यह दिखाया कि हमारी, हमारे पूंजी बाजार और निवेशकों की क्षमता इतनी बढ़ गई है। हमें बाजार का संचालन करने के लिए विदेशी निवेशकों की आवश्यकता नहीं है। उनका भी स्वागत है और कई आए भी हैं लेकिन यह सच है कि इस IPO को मुख्य रूप से घरेलू निवेशकों ने सफल बनाया है।”
उन्होंने कहा कि एलआईसी के आईपीओ को खुदरा निवेशकों, पॉलिसीधारकों, क्यूआईपी और एनआईआई से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है।
दीपम के संयुक्त सचिव आलोक पांडेय ने कहा कि भले ही इश्यू साइज 21,000 करोड़ रुपये का हो लेकिन वास्तविक रूप से यह आईपीओ 20,500 करोड़ रुपये के आसपास का होगा, क्योंकि इसमें खुदरा निवेशकों को दी गई छूट भी कैलकुलेट की जाएगी।