LIC का आईपीओ आखिरी दिन (सोमवार) करीब 3 गुना (2.93 गुना) सब्सक्राइब हुआ। अब इनवेस्टर्स की नजरें दो बातों पर होंगी। पहला, उन्हें शेयर एलॉट होते हैं या नहीं। दूसरा, स्टॉक एक्सचेंजों में 17 मई को इस शेयर की लिस्टिंग (Listing of LIC Shares) कैसी रहती है। स्टॉक मार्केट में कमजोर सेंटिमेंट की वजह से बहुत ज्यादा प्रीमियम की उम्मीद नहीं की जा सकती। फिर भी 10-15 फीसदी प्रीमियम पर इस शेयर के लिस्ट होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
इनवेस्टमेंट एडवाइजर संदीप सभरवाल ने फाइनेंशियल एक्सप्रेस को बताया है कि एलआईसी का शेयर 10-12 फीसदी प्रीमियम के साथ लिस्ट हो सकता है। सभरवाल का अनुमान सही साबित होने पर करोड़ों इनवेस्टर्स को 17 मई को जश्न मनाने का मौका मिल सकता है। इस इश्यू को पॉलिसीहोल्डर्स और रिटेल इनवेस्टर्स का अच्छा रिस्पॉन्स मिला है।
पॉलिसीहोल्डर्स कैटेगरी में तो यह इश्यू 6 गुना सब्सक्राइब हुआ है। मार्केट एक्सपर्ट्स ने बताया है कि पॉलिसीहोल्डर को कंपनी आनुपातिक आधार पर शेयरों का एलॉटमेंट करेगी। इसका मतलब है कि इस कैटेगरी के इनवेस्टर्स को कुछ न कुछ शेयर जरूर मिलेंगे। आनुपातिक आधार का मतलब यह है कि जो इनवेस्टर्स ज्यादा शेयरों के लिए बोली लगाएंगे, उन्हें ज्यादा शेयर एलॉट होंगे। कम बोली लगाने वाले को कम शेयर मिलेंगे।
एलआईसी ने पॉलिसीहोल्डर को प्रति शेयर 60 रुपये का डिस्काउंट दिया है। इस तरह पॉलिसीहोल्डर को एक शेयर 889 रुपये के प्राइस पर जारी किए जाएंगे। 10 फीसदी प्रीमियम का मतलब है कि 949 रुपये के कट-ऑफ प्राइस पर 94 रुपये का प्रीमियम। इस तरह 60 रुपये का डिस्काउंट और 94 रुपये का प्रीमियम जोड़ने पर 154 रुपये आता है। इसका मतलब है कि पॉलिसीहोल्डर कोटे के इनवेस्टर को एक शेयर पर 154 रुपये का मुनाफा फटाफट हो जाएगा।
अगर किसी पॉलिसीहोल्डर को 10 शेयर एलॉट होते हैं तो भी उसे फटाफट 1540 रुपये का मुनाफा होगा। यह मुनाफा उन निवेशकों को खुश करेगा, जिन्होंने लिस्टिंग गेंस के लिए इस इश्यू में बोली लगाई है। एनएसडीएएल और सीडीएसएल के आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले 4 महीनों में एक करोड़ से ज्यादा डीमैट अकाउंट खुले हैं। इनमें ज्यादातर ऐसे लोग हैं, जिन्होंने फटाफट मुनाफे के लिए इस आईपीओ में बोली लगाई है।
ग्रे मार्केट में एलआईसी के शेयर पर प्रीमियम घटने पर मार्केट एक्सपर्ट्स ने इनवेस्टर्स को लॉन्ग टर्म के लिए इस इश्यू में इनवेस्ट करने की सलाह दी। लेकिन, इश्यू खुलने के पहले और दूसरे दिन ज्यादातर इनवेस्टर्स अच्छी लिस्टिंग गेंस की उम्मीद में बोली लगा चुके थे।