LIC IPO : भारतीय जीवन बीमा निगम यानी एलआईसी ने अपने आईपीओ का 10 फीसदी हिस्सा पॉलिसीहोल्डर्स के लिए रिजर्व करने का फैसला किया है। खास बात यह है कि पॉलिसीहोल्डर्स को 60 रुपये प्रति शेयर का डिस्काउंट भी मिलेगा। वहीं कर्मचारी और खुदरा निवेशकों 45 रुपये का डिस्काउंट दिया जाएगा। LIC के आईपीओ का प्राइस बैंड 902 रुपये से 949 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है।
LIC की वैल्यू अनलॉक होने के लिए तैयार
डिपार्टमेंट ऑफ इनवेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (दीपम) सचिव तुहीन कांत पांडे (Tuhin Kanta Pandey) ने कहा, “इस कंपनी को पॉलिसीहोल्डर्स ने भी खड़ा किया है। अब हम उन्हें शेयरहोल्डर बनने के लिए आमंत्रित करते हैं। हम करोड़ों भारतीयों को इसमे भाग लेने के लिए न्योता देना चाहते हैं, क्योंकि LIC की वैल्यू अनलॉक होने के लिए तैयार है।”
पॉलिसीहोल्डर्स कैसे कर सकते हैं आवेदन
यह IPO 22.137 करोड़ शेयरों का पूरी तरह ऑफर फॉर सेल होगा। पॉलिसीहोल्डर्स के लिए 2.214 करोड़ शेयर यानी 10 फीसदी हिस्सा रिजर्व रखा गया है। 15.8 लाख शेयर यानी 0.7 फीसदी इश्यू इम्प्लॉयी कोटे का हिस्सा होगा। 15 इक्विटी शेयरों के मल्टीपल में बिड लगाई जा सकती हैं।
पॉलिसीहोल्डर, खुदरा और इम्प्लॉई कोटे के तहत अधिकतम 2 लाख रुपये की बिड लगा सकते हैं। हालांकि, यदि आप खुदरा निवेशक हैं और पॉलिसीहोल्डर के साथ-साथ-साथ कर्मचारी भी हैं, तो आप सभी कैटेगरी के तहत अलग-अलग बिड कर सकते हैं। इसलिए, इस मामले में प्रभावी कुल लिमिट 6 लाख रुपये होगी।
पहली पेशकश है पॉलिसीहोल्डर कोटा
बुधवार को मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) में फाइल रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस के मुताबिक, योग्य पॉलिसीहोल्डर्स की बिड कट-ऑफ प्राइस पर ही की जा सकती हैं। ऑफर प्राइस पर या उससे मिली बिड्स पर इस पोर्शन के तहत आवंटन के लिए पॉलिसीहोल्डर डिस्काउंट पर विचार किया जाएगा। पॉलिसीहोल्डर्स कोटा अपनी तरह की पहली पेशकश है।
इससे पहले फाइल किए गए ड्राफ्ट पेपर के मुताबिक, 13 फरवरी को और बिड या ऑफर ओपनिंग डेट तक एलआईसी पॉलिसी (LIC policy) रखने वाले ही पॉलिसीहोल्डर रिजर्वेशन के तहत अप्लाई कर सकते हैं। पॉलिसी को पैन के साथ लिंक कराने की अंतिम तारीख 28 फरवरी थी।
ग्रुप पॉलिसी के तहत कवर लोग इस कोटे के तहत आवेदन के लिए योग्य नहीं होंगे।
याद रखिए कि IPO में भाग लेने के लिए डीमैट अकाउंट जरूरी है। यदि कोई पॉलिसीहोल्डर आईपीओ के लिए आवेदन करना चाहता है तो उसे अपने डीमैट अकाउंट में फर्स्ट अकाउंट होल्डर होना चाहिए। यदि यह एक ज्वाइंट अकाउंट है तो आपको पहला या प्राइमरी होल्डर होना चाहिए।