LIC IPO : डिपार्टमेंट ऑफ इनवेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPAM) सचिव तुहीन कांत पांडे (Tuhin Kanta Pandey) ने कहा कि भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के बहुप्रतीक्षित IPO से बाजार में कैपिटल और मॉनेटरी सप्लाई की कोई समस्या पैदा नहीं होगी। वह बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे।
यह IPO सब्सक्रिप्शन के लिए 4 मई को खुलेगा और सरकार 902-949 रुपये प्रति शेयर के प्राइस बैंड पर अपनी 3.5 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगी।
अच्छी खुदरा भागीदारी की उम्मीद
पांडे ने कहा कि भले ही इश्यू का साइज घटा दिया गया है, फिर भी LIC का आईपीओ अभी तक का देश का सबसे बड़ा आईपीओ होगा। उन्होंने इश्यू में मजबूत रिटेल भागीदारी की उम्मीद जाहिर की। उन्होंने कहा कि सरकार एलआईसी को इक्विटी मार्केट में लंबी अवधि की वैल्यू क्रिएटर के रूप में एक चैंपियन बनाना चाहती है।
पांडे ने कहा, “कैपिटल मार्केट के प्रतिकूल हालात को देखते हुए इसका साइज सही है और इससे कैपिटल की कमी नहीं होगी और मॉनेटरी सप्लाई बाधित नहीं होगी।”
भारतीय जीवन बीमा निगम (Life Insurance Corp of India) यानी एलआईसी अपने 21,000 करोड़ रुपये के आईपीओ के तहत शेयरों के प्री-आईपीओ प्लेसमेंट के जरिये अपर प्राइस बैंड पर 5,630 करोड़ रुपये तक जुटाएगी। यह IPO 22.137 करोड़ शेयरों का पूरी तरह ऑफर फॉर सेल होगा। कंपनी ने 5.929 करोड़ शेयर एंकर इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व रखे हैं।
कर्मचारियों और पॉलिसीहोल्डर्स के लिए रिजर्व हैं शेयर
कर्मचारियों के लिए 15.8 लाख शेयर, जबकि पॉलिसीहोल्डर्स के लिए 2.214 करोड़ शेयर रिजर्व रखे हैं। वहीं क्यूआईबी (QIB) के लिए 9.883 करोड़ शेयर तय किए गए हैं।
एंकर इनवेस्टर्स के लिए इश्यू 2 मई को खुलेगा और सब्सक्रिप्शन के लिए यह 4 मई तक खुला रहेगा। यह 9 मई को बंद होगा। 12 मई को अलॉटमेंट होगा और 16 मई तक शेयर डीमैट अकाउंट में शेयर पहुंच जाएंगे। कंपनी की 17 मई को एक्सचेंज में इश्यू की लिस्टिंग कराने की योजना है।