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LIC की ग्रोथ में सुस्ती का IPO पर पड़ सकता है असर, मार्केट सेंटीमेंट होगा प्रभावित: Prabhudas Lilladher के पीयूष नागदा

LIC IPO: एलआईसी का न्यू बिजनेस प्रीमियम उसकी प्रतिद्वंदी प्राइवेट बीमा कंपनियों के मुकाबले धीमी गति से बढ़ा है, मनीकंट्रोल ने इसके असर को समझने के लिए प्रभुदास लीलाधर के पीयूष नागदा से बात की है

MoneyControl Newsअपडेटेड Mar 17, 2022 पर 5:15 PM
LIC की ग्रोथ में सुस्ती का IPO पर पड़ सकता है असर, मार्केट सेंटीमेंट होगा प्रभावित: Prabhudas Lilladher के पीयूष नागदा
LIC IPO का साइज 50,000 करोड़ रुपये से अधिक के रहने की उम्मीद है

लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (LIC) का इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) 50,000 करोड़ रुपये से अधिक के रहने की उम्मीद है। LIC के आईपीओ से पहले उसके रेवेन्यू और प्रॉफिट ग्रोथ से जुड़े आंकड़ों को निवेशकों और खासतौर से रिटेल निवेशकों की तरफ से बारीकी से नजर रखी जाएगी। सरकारी बीमा कंपनी की मार्च तिमाही के जारी आंकड़े सुकून देने वाले नहीं है। LIC का न्यू बिजनेस प्रीमियम उसके प्रतिद्वंदी कंपनियों के मुकाबले धीमी गति से बढ़ा है। मनीकंट्रोल ने प्रभुदास लीलाधर में इनवेस्टमेंट प्रोडक्ट्स के हेड पीयूष नागदा से इस बारे में बातकर इसे समझने की कोशिश की।

LIC का न्यू बिजनेस प्रीमियम वित्त वर्ष 2022 के पहले 11 महीने में 0.24 फीसदी की दर से बढ़ा है, जबकि इसकी प्रतिद्वंदी प्राइवेट कंपनियों की ग्रोथ 25 फीसदी रही है। आपको क्या लगता है कि LIC का न्यू बिजनेस प्रीमियम इतनी धीमी गति से क्यों बढ़ा है?

बीमा एक सीजनल बिजनेस है, जिसमें 3 महीनों (जनवरी फरवरी और मार्च) में ही सबसे ज्यादा तेजी देखी जाती है। LIC का न्यू बिजनेस प्रीमियम 11 महीनों तक धीमी गति से बढ़ा है, लेकिन अगर आप फरवरी 2020 के आंकड़े देखें तो आप पाएंगे कि इस महीने इसका न्यू बिजनेस प्रीमियम 35 फीसदी बढ़ा है और इसने अपनी प्रतिद्वंदी कंपनियों को बड़े अंतर से पीछे छोड़ा है। हमें उम्मीद है कि यह मार्च में भी जारी रहेगा। हालांकि फिर भी यह प्राइवेट कंपनियों से इस वित्त वर्ष में पीछे रहेगा।

LIC के न्यू बिजनेस प्रीमियम की धीमी ग्रोथ के पीछे प्रोडक्ट मिक्स, चैनल मिक्स और एवरेज टिकट साइज को मुख्य कारण के तौर पर देखा जा सकता है।

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