LIC IPO : देश में इंश्योरेंस इंडस्ट्री का पर्याय मानी जाने वाली लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (Life Insurance Corporation) का IPO 31 मार्च, 2022 में समाप्त हो रहे चालू वित्त वर्ष में आना था, लेकिन 60,000 करोड़ के इश्यू की राह में बड़ी बाधा आ गई। LIC के IPO की टाइमिंग सेंटीमेंट और बाजार के स्थायित्व पर निर्भर है। जिओपॉलिटिकल टेंशन के बीच यह अनुमान लगाना मुश्किल है कि IPO कब लॉन्च होगा। हालांकि समझा जा सकता है कि सरकार इस IPO को लेकर बाजार में उतार-चढ़ाव जैसा कोई जोखिम नहीं लेना चाहती और इसे वित्त वर्ष 23 की शुरुआत तक टाल दिया गया है।
इस सप्ताह की शुरुआत में केंद्र सरकार के मार्केट रेगुलेटर (SEBI) को अपडेट ड्राफ्ट पेपर (DRHP) फाइल कर दिए। सूत्रों ने कहा, अपडेटेड ड्राफ्ट पेपर में एलआईसी की तीसरी तिमाही के नतीजे शामिल हैं। पहले उसने सितंबर, 2021 तक के नतीजे उपलब्ध कराए थे।
पिछले महीने एक सरकारी अधिकारी ने कहा था कि LIC का IPO लाने के लिए 12 मई तक का समय है।
LIC IPO : प्राइस बैंड की डिटेल, डिस्काउंट रेट
एक अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि अपडेट ड्राफ्ट पेपर में प्राइस बैंड, पॉलिसीहोल्डर्स और रिटेल बायर्स को डिस्काउंट और बेचे जाने वाले शेयरों की वास्तविक संख्या का उल्लेख होगा।
अधिकारी ने बताया, “हमें मंजूरी के लिए DRHP मिल गया है और अगले कदम के रूप में RHP फाइल किया जाएगा, जिसमें प्राइस बैंड और शेयरों की संख्या जैसी डिटेल दी जाएगी। हमारी हालात पर नजर है और जल्द ही शेयरों की बिक्री की टाइमिंग पर फैसला लिया जाएगा।”
DRHP के मुताबिक, इश्यू में LIC के कर्मचारियों और पॉलिसीहोल्डर्स को रिजर्वेशन मिलने की संभावना है। एक तिहाई हिस्सा घरेलू म्यूचुअल फंड्स के लिए रिजर्व होगा।
50 फीसदी भाग क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशन बायर्स (QIB) के लिए, 15 फीसदी नॉन इंस्टीट्यूशनल बायर्स को 15 फीसदी शेयर अलोकेट किए जाएंगे। रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 35 फीसदी हिस्सा तय है।
यह IPO सरकार की तरफ से पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) है और LIC द्वारा कोई नया शेयर जारी नहीं किया जाएगा। सरकार की एलआईसी में 100 फीसदी हिस्सेदारी है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। इसके मुताबिक भारत सरकार 31.62 करोड़ शेयर जारी करेगी। DRHP के मुताबिक, सितंबर 2021 में LIC का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 39.6 लाख करोड़ रुपए है।
LIC IPO: किसे, कितना है डिस्काउंट
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने राज्यसभा में कहा, LIC के इलिजिबल पॉलिसीहोल्डर्स को 10 फीसदी तक रिजर्वेशन मिलेगा और उन्हें ऑफर प्राइस पर डिस्काउंट भी मिल सकता है। पॉलिसीहोल्डर्स को IPO ऑफर प्राइस पर डिस्काउंट लेने को इलिजिबल होने के लिए LIC पॉलिसी से Permanent Account Number (PAN) डिटेल को लिंक जरूर करा लेना चाहिए।
5 फीसदी हिस्सेदारी बेचने के साथ LIC का पब्लिक इश्यू भारतीय शेयर बाजार के इतिहास का सबसे बड़ा IPO होगा। लिस्टिंग के बाद LIC भारतीय शेयर बाजार की टॉप 3 कंपनियों में शामिल होगी। अन्य दो कंपनियां RIL और TCS हैं।
इससे पहले 2021 में आया पेटीएम (Paytm) का IPO सबसे बड़ा इश्यू है, जिसके जरिए बाजार से 18,300 करोड़ रुपये जुटाए गए थे। इसके बाद कोल इंडिया आती है, जिसने 2010 में लगभग 15,500 करोड़ रुपये जुटाए थे और रिलायंस पावर (2008) 11,700 करोड़ रुपये जुटा चुकी है।।