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LIC पब्लिक शेयरहोल्डिंग के नियम में SEBI से क्यों मांग रही छूट?

सेबी का नियम है कि लिस्टिंग के 5 साल के अंदर एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा वैल्यूएशन वाली कंपनी में कम से कम 25 फीसदी हिस्सेदारी पब्लिक की होनी चाहिए। सरकार एलआईसी के लिए इस नियम में सेबी से रियायत चाहती है

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 30, 2022 पर 10:46 AM
LIC पब्लिक शेयरहोल्डिंग के नियम में SEBI से क्यों मांग रही छूट?
सरकार का मानना है कि अगर सरकार एलआईसी में अपनी ज्यादा हिस्सेदारी बेचती है तो इससे मार्केट पर दबाव बढ़ सकता है। इसकी वजह यह है कि एलआईसी की वैल्यूएशन बहुत ज्यादा है। उधर, स्टॉक मार्केट की स्थिति अच्छी नहीं है।

LIC पब्लिक शेयरहोल्डिंग के नियमों में छूट चाहती है। सरकार इस बारे में सेबी (SEBI) से बातचीत करेगी। सेबी का नियम है कि लिस्टिंग के 5 साल के अंदर एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा वैल्यूएशन वाली कंपनी में कम से कम 25 फीसदी हिस्सेदारी पब्लिक की होनी चाहिए। सरकार एलआईसी के लिए इस नियम में सेबी से रियायत चाहती है।

डिपार्टमेंट ऑफ इनवेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPAM) के सेक्रेटरी तुहिन कांत पांडेय ने कहा कि सरकार एलआईसी को मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग के नियम से छूट के लिए जल्द सेबी से बातचीत करेगी। दरअसल, सरकार चाहती है कि मिनिमम शेयरहोल्डिंग के नियम के पालन के लिए एलआईसी को ज्यादा वक्त दिया जाए।

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सरकार का मानना है कि अगर सरकार एलआईसी में अपनी ज्यादा हिस्सेदारी बेचती है तो इससे मार्केट पर दबाव बढ़ सकता है। इसकी वजह यह है कि एलआईसी की वैल्यूएशन बहुत ज्यादा है। उधर, स्टॉक मार्केट की स्थिति अच्छी नहीं है। यूक्रेन क्राइसिस, इंटरेस्ट रेट में वृद्धि जैसे फैक्टर का असर स्टॉक मार्केट पर पड़ रहा है।

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