Magson IPO: फ्रोजन फूड और विदेशी चॉकलेट बेचने वाली दिग्गज कंपनी मैगसन रिटेल एंड डिस्ट्रीब्यूशन (Magson Retail And Distribution) का 14 करोड़ रुपये का आईपीओ आज खुल गया है। इस इश्यू के तहत सिर्फ नए शेयर जारी होंगे। वहीं ग्रे मार्केट की बात करें तो मैगसन के शेयरों की कोई खास एक्टिविटी नहीं दिख रही है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी के फाइनेंशियल्स और फंडामेंटल्स के आधार पर निवेश का फैसला लेना चाहिए। गुजरात और राजस्थान में फैली यह कंपनी अपने कारोबारी विस्तार के लिए यह आईपीओ लेकर आयी है।
Magson Retail And Distribution IPO की डिटेल्स
मैगसन का आईपीओ 27 जून तक खुला रहेगा। 13.74 करोड़ रुपये के इस इश्यू के तहत 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले 21,14,000 नए इक्विटी शेयरों की बिक्री होगी और ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत शेयरों की बिक्री नहीं होगी। इस इश्यू में 65 रुपये के भाव और 2 हजार शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकते हैं। आईपीओ की सफलता के बाद शेयरों का 3 जुलाई को अलॉटमेंट होगा।
शेयरों की एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म NSE-SME पर 6 जुलाई को एंट्री होगी। इश्यू का रजिस्ट्रार लिंक बिगशेयर सर्विसेज है। शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल नए ऑर्गेनाइजेशन बनाने, फ्रेंचाइजी मॉडल के चहत स्टोर खोलने और बड़े सप्लायर्स के साथ टाईअप के साथ-साथ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में होगा।
Magson Retail And Distribution की डिटेल्स
2018 में बनी मैगसन फ्रोजन फूड, प्रीमियम चीज औ डेयरी प्रोडक्ट्स, बाहरी सब्जियां और फल, स्थानीय उत्पाद और बाहर से मंगाई गई चॉकलेट्स की बिक्री करती है। इसके 26 रिटेल स्टोर्स/आउटलेट्स हैं जिसमें से 16 यह खुद ऑपरेट करती है और 7 फ्रेंचाइजी ओनर्स और 3 ज्वाइंट वेंचर्स के तहत चलती हैं। इसके सभी स्टोर्स मैगसन (MagSon) के ब्रांड नाम से कारोबार करते हैं। इसका कारोबार राजस्थान और गुजरात में फैला हुआ है।
इसके कारोबार की खास बात ये है कि 75 फीसदी प्रोडक्ट्स यह सीधे मैनुफैक्चरर्स से मंगाती है जिससे इसका मार्जिन बढ़ता है। बाकी 25 फीसदी ही डिस्ट्रीब्यूटर्स/होलसेलर्स से मिलता है। कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो इसका मुनाफा लगातार बढ़ा है। वित्त वर्ष 2020 में इसे 1.66 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2021 में बढ़कर 1.82 करोड़ रुपये, वित्त वर्ष 2022 में 2.23 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2023 में 2.52 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।