डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म मनीव्यू के IPO में पैसा लगाने के लिए 28 सितंबर को आखिरी मौका है। फिर यह इश्यू बंद हो जाएगा। यह पब्लिक इश्यू अब तक 6.22 गुना भर चुका है। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 0.26 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 16.08 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 5.41 गुना सब्सक्राइब हो चुका है।
₹1,091.68 करोड़ के IPO के बंद होने के बाद अलॉटमेंट 29 सितंबर को फाइनल होगा। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 1 अक्टूबर को लिस्ट हो सकते हैं। अभी तक लिस्टिंग अच्छे गेन के साथ होने की उम्मीद है। ग्रे मार्केट में मनीव्यू का शेयर 41.18 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं।
कंपनी ने IPO की ओपनिंग से एक दिन पहले एंकर निवेशकों से ₹327.5 करोड़ जुटाए थे। Moneyview IPO के लिए प्राइस बैंड ₹32-34 प्रति इक्विटी शेयर है। लॉट साइज 441 शेयर है। IPO में ₹750 करोड़ के 22.06 करोड़ नए शेयर जारी हो रहे हैं। साथ ही ₹341.68 करोड़ के 10.05 करोड़ शेयरों का OFS (Offer for Sale) है। IPO के लिए एक्सिस कैपिटल, BofA Securities India, IIFL कैपिटल सर्विसेज और कोटक महिंद्रा कैपिटल बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं। रजिस्ट्रार MUFG Intime India Pvt.Ltd. है।
मनीव्यू में एक्सेल, टाइगर ग्लोबल और रिबिट कैपिटल जैसे ग्लोबल इनवेस्टर्स का पैसा लगा हुआ है। Moneyview एक डिजिटल फाइनेंशियल सर्विस प्लेटफॉर्म है। यह यूजर्स को बैंकों, नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (NBFCs), इंश्योरेंस कंपनियों और दूसरे फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस से जोड़ता है। जून 2026 तक, कंपनी के पास 14.03 करोड़ रजिस्टर्ड यूजर थे और इसके नेटवर्क में 48 फाइनेंशियल पार्टनर जुड़े हुए थे।
अप्रैल-जून 2026 तिमाही में मनीव्यू का रेवेन्यू सालाना आधार पर 51.5 प्रतिशत बढ़कर ₹1,065.09 करोड़ हो गया। शुद्ध मुनाफा 158.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹173.80 करोड़ रुपये रहा। इस बीच कंपनी पर ₹5,484.76 करोड़ की उधारी थी। जून 2025 तिमाही में रेवेन्यू ₹702.92 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹67.15 करोड़ था। वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का रेवेन्यू 43 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹3,404.27 करोड़ और शुद्ध मुनाफा 1 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹242.71 करोड़ रहा।
IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल
Moneyview अपने IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल डिफॉल्ट लॉस गारंटी (DLG) व्यवस्था के तहत लोन बांटने में तेजी लाने, मैटेरियल सब्सिडियरी Whizdm Finance का कैपिटल बेस बढ़ाने के लिए निवेश करने और आम कॉर्पोरेट कामों के लिए करेगी। इश्यू में 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।