Moneyview IPO: रिटेल से लेकर बड़े दिग्गजों का चला जादू! अंतिम मौका आज, पैसे लगाए या नहीं? यहां समझिए

Moneyview IPO Subscribe or not: मनीव्यू के ₹1,092 करोड़ के आईपीओ का आज अंतिम दिन है। इसे अब तक 11 गुना सब्सक्रिप्शन मिल चुका है। ग्रे मार्केट में कंपनी के शेयर जबरदस्त प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं। जून 2026 तिमाही में ₹173.8 करोड़ का मुनाफा कमाने वाली इस फिनटेक कंपनी के शेयर 1 अक्टूबर को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होने वाले है। इस आईपीओ में पैसे लगाए या नहीं? जानिए

अपडेटेड Sep 28, 2026 पर 11:49 AM
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रिटेल निवेशकों का हिस्सा 7.65 गुना सब्सक्राइब हुआ है

Moneyview IPO: बेंगलुरु बेस्ड डिजिटल फाइनेंशियल सर्विसेज प्लेटफॉर्म मनीव्यू के IPO को तीसरे और आखिरी दिन निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिल रहा है। NSE के आंकड़ों के अनुसार, 28 सितंबर को सुबह 11 बजे तक यह आईपीओ कुल 11 गुना सब्सक्राइब हो चुका था।

कंपनी के ₹1,092 करोड़ के इस आईपीओ को निवेशकों से जमकर बोलियां मिल रही हैं, जिसमें गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) और रिटेल कैटेगरी में भारी सब्सक्रिप्शन देखा जा रहा है।

सब्सक्राइब का आंकड़ा और किस कैटेगरी में मिली कितनी बोली?


मनीव्यू आईपीओ के तहत पेश किए गए कुल 23.25 करोड़ (23,25,24,175) शेयरों के मुकाबले अब तक 242.53 करोड़ (2,42,53,18,749) शेयरों के लिए बोलियां मिल चुकी हैं:

गैर-संस्थागत निवेशक(NII): इस कैटेगरी को सबसे ज्यादा रिस्पॉन्स मिला है और यह 30.09 गुना भर चुकी है।

रिटेल निवेशक: आम खुदरा निवेशकों का हिस्सा 7.65 गुना सब्सक्राइब हुआ है।

क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स(QIB): आखिरी दिन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स की तरफ से भी भारी बोली आने की उम्मीद है।

IPO की प्रमुख डिटेल्स

आईपीओ खुलने की तारीख: 24- 28 सितंबर

प्राइस बैंड: ₹32 से ₹34 प्रति शेयर

कुल इश्यू साइज ₹1,092 करोड़

फ्रेश इश्यू: ₹750 करोड़

ऑफर फॉर सेल (OFS): 10.04 करोड़ शेयर (लगभग ₹341.68 करोड़)

लिस्टिंग डेट: 1 अक्टूबर 2026 (BSE और NSE दोनों पर)

एंकर निवेशकों से जुटाए ₹327.5 करोड़ 

आईपीओ खुलने से ठीक पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों से ₹327.5 करोड़ जुटाए थे। कंपनी ने एंकर बुक के तहत ₹34 प्रति शेयर के भाव पर 9.63 करोड़ शेयर अलॉट किए। इसमें SBI Mutual Fund, ICICI Prudential AMC, HDFC AMC, Motilal Oswal AMC, Aditya Birla Sun Life AMC और Quant Mutual Fund जैसे दिग्गज फंड हाउसों ने हिस्सा लिया। साथ ही Goldman Sachs और Amundi Funds जैसे बड़े ग्लोबल निवेशकों ने भी एंकर बुक में पैसा लगाया।

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जुटाए गए फंड का इस्तेमाल कहां करेगी कंपनी?

पुनीत अग्रवाल और संजय अग्रवाल द्वारा प्रमोटेड यह कंपनी फ्रेश इश्यू से मिलने वाले पैसों का इस्तेमाल इस प्रकार करेगी:

₹325 करोड़: डिफॉल्ट लॉस गारंटी (DLG) अरेंजमेंट के तहत लोन डिस्बर्सल को बढ़ाने के लिए।

₹250 करोड़: अपनी सहायक कंपनी Whizdm Finance के कैपिटल बेस को मजबूत करने के लिए।

शेष राशि: सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल होगी।

कंपनी का बिजनेस और दमदार वित्तीय प्रदर्शन

मनीव्यू एक डिजिटल फाइनेंशियल सर्विसेज प्लेटफॉर्म चलाती है। यह प्लेटफॉर्म ग्राहकों को बैंकों, एनबीएफसी, इंश्योरेंस कंपनियों और अन्य वित्तीय संस्थानों से जोड़कर पर्सनल लोन, इंश्योरेंस, क्रेडिट कार्ड और डिजिटल गोल्ड जैसे प्रोडक्ट्स मुहैया कराता है।

मार्च 2026 को समाप्त वित्त वर्ष में कंपनी का नेट प्रॉफिट 1.2% की बढ़त के साथ ₹244.1 करोड़ रहा, जबकि रेवेन्यू 43.3% बढ़कर ₹3,351.2 करोड़ पर पहुंचा। जून 2026 तिमाही में कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ तीन गुना बढ़कर ₹173.8 करोड़ हो गया जो पिछले साल की इसी तिमाही में ₹67.2 करोड़ था। इस दौरान ऑपरेशंस से राजस्व 50.2% बढ़कर ₹1,041.1 करोड़ रहा।

Moneyview IPO GMP: ग्रे मार्केट में 41% चल रहा प्रीमियम

एक तरफ जहां मनीव्यू के IPO को मार्केट से अच्छा रिस्पांस मिल रहा है, दूसरी तरफ अनलिस्टेड मार्केट में हलचल बढ़ गई है। ग्रे मार्केट की गतिविधियों पर नजर रखने वाली वेबसाइट InvestorGain के मुताबिक, 28 सितंबर की सुबह मनीव्यू के शेयर ग्रे मार्केट में लगभग 41% के प्रीमियम (GMP) पर ट्रेड कर रहे हैं। यानी इसकी लिस्टिंग पर निवेशकों को बंपर मुनाफा मिल सकता है।

सब्सक्राइब करें या नहीं? जानिए ब्रोकरेज की राय

आनंद राठी और अन्य प्रमुख ब्रोकरेज हाउस ने टियर-2 और उससे आगे के शहरों में यूजर ग्रोथ, नए प्रोडक्ट्स की बढ़ती पहुंच और अपर प्राइस बैंड पर FY26 P/E के हिसाब से आकर्षक वैल्यूएशन को देखते हुए Moneyview IPO में लंबी अवधि के लिए निवेश की सलाह दी है। वैसे बाजार के कुछ सतर्क विश्लेषकों ने शॉर्ट-टर्म यानी लिस्टिंग गेन के लिए दूर रहने या तटस्थ रहने की सलाह दी है, जिसके पीछे उन्होंने अनसिक्योर्ड पर्सनल लोन के जोखिम और मिडिल-इनकम सेगमेंट में क्रेडिट साइकिल के खतरों को प्रमुख वजह बताया है।

SBI सिक्योरिटीज ने इस आईपीओ को 'Subscribe' (सब्सक्राइब) रेटिंग दी है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि कंपनी हर यूजर की क्रेडिट प्रोफाइल को बारीकी से समझने के लिए व्यापक डेटा स्रोतों का इस्तेमाल करती है। जिसमें यूजर द्वारा दी गई जानकारी, यूजर की स्पष्ट सहमति के बाद उसके डिवाइस से जुटाया गया डेटा, ट्रांजैक्शनल SMS, बैंक स्टेटमेंट, ऐप यूसेज पैटर्न, रीपेमेंट व ऑटो-डेबिट हिस्ट्री, क्रेडिट ब्यूरो डेटा और अन्य थर्ड-पार्टी सोर्स से प्राप्त इनपुट्स शामिल हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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