मेनबोर्ड सेगमेंट में धड़ाधड़ नए IPO आ रहे हैं। इसी कड़ी में नित्यास जेम्स एंड ज्वेलरी का नाम भी जुड़ने वाला है। कंपनी का ₹108.35 करोड़ का IPO 30 सितंबर को खुलने जा रहा है। कंपनी भारत में लैब-ग्रोन डायमंड जड़ी सोने की ज्वेलरी की डिजाइनिंग, मैन्युफैक्चरिंग और बिक्री के बिजनेस में है। पब्लिक इश्यू में 1.45 करोड़ नए शेयर जारी होंगे। प्राइस बैंड ₹70-₹75 प्रति शेयर और लॉट साइज 200 शेयर है। IPO की क्लोजिंग 5 अक्टूबर को होगी। इसके बाद अलॉटमेंट 6 अक्टूबर को फाइनल हो सकता है। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 8 अक्टूबर को लिस्ट हो सकते हैं।
IPO के लिए चॉइस कैपिटल एडवाइजर्स बुक रनिंग लीड मैनेजर है। रजिस्ट्रार बिगशेयर सर्विसेज है। IPO में 75 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 10 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है।
कितना फैला हुआ है Nityas Gems & Jewellery का बिजनेस
नित्यास जेम्स एंड ज्वेलरी एक इंटीग्रेटेड बिजनेस मॉडल के तहत काम करती है, जिसमें B2B (बिजनेस टू बिजनेस) मैन्युफैक्चरिंग और ऑर्गेनाइज्ड रिटेलर्स, स्टैंडअलोन रिटेलर्स और होलसेलर्स को डिस्ट्रीब्यूशन शामिल है। साथ ही, यह अपनी सब्सिडियरी 'अयानी डायमंड्स एंड ज्वेलरी प्राइवेट लिमिटेड' के जरिए ओम्नीचैनल रिटेल ऑपरेशंस (ऑनलाइन प्रेजेंस और फिजिकल स्टोर्स) के तहत सीधे ग्राहकों (D2C या डायरेक्ट टू कंज्यूमर) को भी बिक्री करती है। कंपनी के कामकाज में कच्चे माल की खरीद, प्रोडक्ट डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग, क्वालिटी कंट्रोल, डिस्ट्रीब्यूशन और ब्रांडेड रिटेल शामिल हैं।
कंपनी लैब-ग्रोन डायमंड जड़ी सोने की ज्वेलरी कई कैटेगरी में पेश करती है, जैसे कि अंगूठी, झुमके, पेंडेंट, ब्रेसलेट, मंगलसूत्र, नोज पिन, नेकलेस, कफलिंक, चूड़ी आदि। इसके पोर्टफोलियो में रोजाना पहनी जाने वाली ज्वेलरी, खास मौकों पर पहनी जाने वाली ज्वेलरी, पुरुषों की ज्वेलरी और कस्टमाइज्ड ज्वेलरी शामिल है। कंपनी के प्रमुख B2B ग्राहकों में GIVA, Palmonas, ONYA और Ladia Diamonds जैसे नाम शामिल हैं।
नित्यास जेम्स एंड ज्वेलरी की भारत के 18 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों में मौजूदगी है। साथ ही यह UAE, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, ताइवान और केन्या में भी ग्राहकों को ज्वेलरी सप्लाई करती है। इसकी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट गुजरात के सूरत में है।
नित्यास जेम्स एंड ज्वेलरी का वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू 110 प्रतिशत बढ़कर ₹203.33 करोड़ रहा। शुद्ध मुनाफा 128 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹22.32 करोड़ हो गया। इस बीच कंपनी पर ₹9 करोड़ की उधारी थी। वित्त वर्ष 2025 में रेवेन्यू ₹96.85 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹9.79 करोड़ दर्ज किया गया था। कंपनी अपने IPO से हुई कमाई का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।