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NSE के मेगा आईपीओ के बारे में यहां जानें अपने हर जरूरी सवाल का पूरा जवाब

NSE ने आईपीओ के लिए प्रति शेयर 1,700-1,785 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। यह इश्यू 22,562 करोड़ रुपये का है। यह सिर्फ ऑफर फॉर सेल है। इसका मतलब है कि एक्सचेंज इनवेस्टर्स को नए शेयर इश्यू नहीं करेगा

Edited By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Sep 15, 2026 पर 7:07 PM
NSE के मेगा आईपीओ के बारे में यहां जानें अपने हर जरूरी सवाल का पूरा जवाब
NSE के शेयर बीएसई पर 24 सितंबर को लिस्ट हो सकते हैं।

एनएसई का आईपीओ 17 सितंबर को खुल रहा है। इसमें 21 सितंबर तक बोली लगाई जा सकती है। इस इश्यू का इनवेस्टर्स को काफी समय से इंतजार रहा है। अब आईपीओ खुलने से पहले इनवेस्टर्स के मन में कई सवाल चल रहे हैं। क्या इश्यू में एनएसई ने शेयर का जो प्राइस बैंड तय किया है, वह ठीक है? भविष्य में एनएसई की ग्रोथ कैसी रहेगी? क्या डेरिवेटिव्स पर एनएसई की ज्यादा निर्भरता सही है? बीएसई के मुकाबले एनएसई का शेयर शेयर सस्ता है या महंगा है?

मनीकंट्रोल ने इन सवालों का जवाब जानने के लिए पॉल एसेट में रिसर्च हेड प्रसेनजीत पॉल से बातचीत की। उन्होंने इस इश्यू से जुड़े सभी सवालों के जवाब दिए। उन्होंने कहा कि एक्सचेंज ने आईपीओ के लिए प्रति शेयर 1,700-1,785 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। यह इश्यू 22,562 करोड़ रुपये का है। यह सिर्फ ऑफर फॉर सेल है। इसका मतलब है कि एक्सचेंज इनवेस्टर्स को नए शेयर इश्यू नहीं करेगा।

क्या एनएसई की 4.42 लाख करोड़ रुपये की वैल्यूएशन सही है?

इसके जवाब में उन्होंने कहा कि एनएसई का बिजनेस काफी स्ट्रॉन्ग है। यह प्रतिस्पर्धा में आगे है। लेकिन, शेयर का जो प्राइस तय किया गया है, उसके लिए अर्निंग्स का बढ़ना जरूरी है। 1,785 रुपये की कीमत पर इसकी वैल्यू FY26 की अर्निंग्स का करीब 43 गुना है। यह बीएसई के शेयरों की वैल्यूएशन से कम है। इस हिसाब से वैल्यूएशन ठीक है। यह न तो महंगा है और न ही सस्ता है।

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