इलेक्ट्रिक टू-व्हीकल बनाने वाली दिग्गज कंपनी ओला इलेक्ट्रिक के आईपीओ को मार्केट रेगुलेटर सेबी की मंजूरी मिल गई है। मनीकंट्रोल को यह जानकारी सूत्रों ने दी है। लंबे समय से ओला इलेक्ट्रिक के आईपीओ की चर्चा चल रही थी। यह पहली बार है जब कोई भारतीय EV फर्म (इलेक्ट्रिक व्हीकल) शेयर बाजार में लिस्ट होने जा रही है। कंपनी आईपीओ के जरिए 7250 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है। 25 मई को मनीकंट्रोल ने सबसे पहले रिपोर्ट दी थी कि ओला इलेक्ट्रिक ने 2024 की शुरुआत में IPO के लिए कोटक महिंद्रा कैपिटल और गोल्डमैन सैक्स को शामिल किया है। उस समय, सूत्रों ने कहा था कि यह IPO प्राइमरी और सेकेंडरी शेयर ऑफरिंग का कॉम्बिनेशन होगा।
Ola Electric की 7250 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी
ओला इलेक्ट्रिक ने 22 दिसंबर 2023 को मार्केट रेगुलेटर के पास अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल किया। ओला इलेक्ट्रिक आईपीओ (Ola Electric) के बारे में जानकारी देते हुए एक सूत्र ने कहा, "ड्राफ्ट पेपर्स की ई-फाइलिंग सेबी के पास हो चुकी है और यह भारतीय ईवी इकोसिस्टम के लिए एक अहम पल है। ओला इलेक्ट्रिक लगभग 7250 करोड़ रुपये की संयुक्त राशि जुटाने की योजना बना रही है।" कंपनी 1100 करोड़ रुपये के शेयरों के प्री-आईपीओ प्लेसमेंट पर भी विचार कर रही है। अगर ऐसा होता है, तो नए इश्यू का आकार कम हो जाएगा।
Ola Electric IPO: जारी होंगे 5500 करोड़ के फ्रेश शेयर
आईपीओ के तहत 5500 करोड़ रुपये के फ्रेश शेयर जारी किए जाएंगे। वहीं, इसमें शेष राशि यानी लगभग 1750 करोड़ रुपये का OFS (ऑफर फॉर सेल) शामिल है। ओला इलेक्ट्रिक के CEO भाविश अग्रवाल, सॉफ्टबैंक, टेमासेक, टाइगर ग्लोबल, अल्फा वेव, टेकने और मैट्रिक्स पार्टनर्स सेलिंग शेयरहोल्डर होंगे। आईपीओ के लिए अनुमानित टारगेट वैल्यूएशन लगभग 7.5 अरब डॉलर था।
डीआरएचपी के अनुसार, मौजूदा शेयरधारक कुल 9.51 करोड़ शेयर बेचेंगे। ओला इलेक्ट्रिक के फाउंडर भाविश अग्रवाल 4.73 करोड़ शेयर बेचेंगे। फर्म के शुरुआती निवेशक - अल्फावेव, अल्पाइन, डीआईजी इन्वेस्टमेंट, मैट्रिक्स और अन्य भी ओएफएस के जरिए 4.78 करोड़ शेयर बेचेंगे।
Ola Electric कहां करेगी फंड का इस्तेमाल
डीआरएचपी के अनुसार, ओला इलेक्ट्रिक कैपिटल एक्सपेंडिचर, कर्ज चुकाने और रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) के लिए फंड का इस्तेमाल करेगी। फर्म कैपेक्स के लिए लगभग 1,226 करोड़ रुपये और कर्ज चुकाने के लिए 800 करोड़ रुपये का उपयोग करेगी। यह सबसे अधिक, लगभग 1,600 करोड़ रुपये, R&D पर और 350 करोड़ रुपये इनऑर्गेनिक ग्रोथ पर खर्च करेगी।
सूत्र ने बताया कि कोटक महिंद्रा कैपिटल, सिटी, गोल्डमैन सैक्स, बोफा सिक्योरिटीज, ICICI सिक्योरिटीज, एक्सिस कैपिटल, SBI कैपिटल और BoB कैपिटल आईपीओ पर काम कर रहे इनवेस्टमेंट बैंक हैं। लीगल एडवाइजर्स की बात करें तो सिरिल अमरचंद मंगलदास कंपनी के वकील हैं और शार्दुल अमरचंद मंगलदास बैंकर्स के वकील हैं।