OLA Electric IPO: शेयर की लिस्टिंग पर मुनाफा होगा या घाटा? ग्रे मार्केट और सब्सक्रिप्शन स्टेटस क्या दे रहा सिग्नल
OLA Electric IPO: Details: ओला इलेक्ट्रिक नए शेयर जारी कर हासिल होने वाली आय में से 1600 करोड़ रुपये का इस्तेमाल रिसर्च और डेवलपमेंट के लिए करेगी। इंडिया में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर मार्केट में Ola Electric की बाजार हिस्सेदारी 34.8% है। OFS में कंपनी के प्रमोटर भाविश अग्रवाल के साथ-साथ निवेशक सॉफ्टबैंक, टेमासेक, मैट्रिक्स पार्टनर्स इंडिया भी शेयरों को बिक्री के लिए रखेंगे
OLA Electric IPO देश में किसी इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनी का पहला IPO है।
OLA Electric IPO: इलेक्ट्रिक टूव्हीलर मेकर ओला इलेक्ट्रिक का पब्लिक इश्यू ओपन हो चुका है और इसमें 6 अगस्त तक बोली लगाई जा सकेगी। 2 अगस्त को IPO के पहले दिन यह 0.38 गुना सब्सक्राइब हुआ। रिटेल इनवेस्टर्स ने जमकर दिलचस्पी दिखाई और उनके लिए रिजर्व हिस्सा 1.70 गुना भरा। नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 0.22 गुना भरा, वहीं क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्से को कुछ खास रिस्पॉन्स नहीं मिला।
कंपनी IPO से 6,145.56 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। IPO से पहले यह एंकर इनवेस्टर्स से 2,763.03 करोड़ रुपये हासिल कर चुकी है। OLA Electric IPO देश में किसी इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनी का पहला IPO है। investorgain.com के मुताबिक, OLA Electric के शेयर ग्रे मार्केट में IPO के अपर प्राइस बैंड 76 रुपये से 8 रुपये या 10.53 प्रतिशत के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं। इस आधार पर शेयरों की लिस्टिंग 84 रुपये के भाव पर हो सकती है।
IPO के लिए प्राइस बैंड 72-76 रुपये प्रति शेयर और लॉट साइज 195 शेयर रखा गया है। कंपनी 5,500 करोड़ रुपये के 72.37 करोड़ नए शेयर जारी कर रही है। साथ ही 645.56 करोड़ रुपये के 8.49 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) भी है। OFS में कंपनी के प्रमोटर भाविश अग्रवाल के साथ-साथ निवेशक सॉफ्टबैंक, टेमासेक, मैट्रिक्स पार्टनर्स इंडिया भी शेयरों को बिक्री के लिए रखेंगे। IPO क्लोज होने के बाद शेयरों की लिस्टिंग BSE और NSE पर 9 अगस्त को होगी।
रिजर्व हिस्सा
OLA Electric IPO में 75 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 10 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है। IPO के लिए कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी, बोफा सिक्योरिटीज इंडिया, एक्सिस कैपिटल, SBI कैपिटल मार्केट्स, सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स इंडिया, गोल्डमैन सैक्स (इंडिया) सिक्योरिटीज, ICICI सिक्योरिटीज और बॉब कैपिटल मार्केट्स, बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं। रजिस्ट्रार, लिंक इनटाइम इंडिया है।
ज्यादातर विश्लेषकों ने ओला इलेक्ट्रिक के आईपीओ को 'सब्सक्राइब' रेटिंग दी है। इसके पीछे तर्क यह है कि डॉमेस्टिक इलेक्ट्रिक टूव्हीलर में मार्केट लीडर होने के नाते ओला को इस क्षेत्र में किसी भी सकारात्मक विकास से लाभ होगा। आनंद राठी के विश्लेषकों ने Ola Electric IPO को लेकर लॉन्ग टर्म के लिए सब्सक्राइब रेटिंग दी है। उनका मानना है कि ओला इलेक्ट्रिक ईवी स्पेस में सबसे तेजी से बढ़ने वाला सेगमेंट है। कंपनी की वैल्यूएशन काफी अच्छी है। कुंवरजी वेल्थ सॉल्यूशंस ने भी इश्यू को लॉन्ग टर्म के लिए सब्सक्राइब करने की सलाह दी है क्योंकि कंपनी पर कर्ज का बोझ धीरे-धीरे कम होने की संभावना है। हेनसेक्स सिक्योरिटीज और एलकेपी सिक्योरिटीज की ओर से भी लॉन्ग टर्म के लिए सब्सक्राइब करने का सुझाव है।
ओला इलेक्ट्रिक के IPO पर बात करते हुए मार्केट एक्सपर्ट प्रकाश दीवान ने कहा कि अगर आपको इस आईपीओ में निवेश करना ही है और आपने पूरा मूड बना लिया है तो आईपीओ में लंबे नजरिए से निवेश करिए। अगर आईपीओ में अलॉटमेंट मिल जाता है तो फिर उसको लंबे समय तक अपने पास रखिए। इस आईपीओ में बहुत ज्यादा लिस्टिंग गेन की उम्मीद नहीं है। प्रकाश की यह राय भी है कि ओला इलेक्ट्रिक के आईपीओ में पैसे लगाने के बजाय प्राइस डिस्कवरी का इंतजार करना और शेयर की लिस्टिंग के बाद पैसे लगाना ज्यादा बेहतर तरीका होगा।
कंपनी की वित्तीय स्थिति
Ola Electric नए शेयर जारी कर हासिल होने वाली आय में से 1600 करोड़ रुपये का इस्तेमाल रिसर्च और डेवलपमेंट के लिए करेगी। इंडिया में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर मार्केट में Ola Electric की बाजार हिस्सेदारी 34.8 फीसदी है। ऑपरेशंस से कंपनी के नेट रेवेन्यू की ग्रोथ अच्छी रही है। लेकिन, यह मुनाफे में नहीं आई है। वित्त वर्ष 2024 में कंपनी का शुद्ध घाटा बढ़कर 1,584.40 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। एक साल पहले यह 1,472.08 करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष के दौरान रेवेन्यू बढ़कर 5,243.27 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो वित्त वर्ष 2023 में 2,782.70 करोड़ रुपये था।
Ola Electric की स्ट्रेंथ
- देश में इलेक्ट्रिल टू-व्हीलर का बाजार लगातार बढ़ रहा है और यह इस सेगमेंट की सबसे बड़ी कंपनी है। साथ ही यह एक प्योर इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनी है।
- कंपनी को अपने फील्ड में अच्छा अनुभव है और इसका प्रोडक्ट भी डायवर्सिफाई है।
- साथ ही कंपनी के पास आधुनिक और बड़े मैन्युफैक्चिंग प्लांट है और इसने रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) पर भी काफी निवेश किया हुआ है।
Ola Electric की कमजोरी
- कंपनी कुछ कच्चे माल के लिए थर्ड पार्टी पर बहुत अधिक निर्भर है।
- वित्तीय आंकड़ों से पता चलता है कि कंपनी अभी भी घाटे में है और इसका कैपिटल एक्सपेंडिचर भी अभी जारी है।
Ola Electric के पास मौजूद मौके
- कंपनी अपने प्रोडक्ट में निवेश बढ़ा सकती है
- साथ ही यह इनोवेशन के जरिए स्वदेशीकरण को बढ़ावा दे सकती है
- कंपनी ऑफलाइन और ऑफलाइन दोनों मोर्चों पर अपने सभी D2C नेटवर्क को मजबूत कर सकती है। इसमें सेल्स, सर्विस और चार्जिंग आदि शामिल हैं।
- कंपनी नए ज्वाइंट वेंचर और रणनीतिक साझेदारियों के जरिए अपनी बिजनेस ग्रोथ को और तेज कर सकती हैखतरे
Ola Electric से जुड़े जोखिम
- कंपनी को इंडस्ट्री की दूसरी कंपनियों से कॉम्पिटीशन मिल रहा है। हालांकि इसका बिजनेस मॉडल अभी भी सबसे अलग है।
- कच्चे माल की कीमतों में अस्थिरता से इलेक्ट्रिक-व्हीकल की लागत महंगी हो सकती है, जो इसकी बिक्री पर असर डाल सकता है।
Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।