शेयर बाजार में अगले 2 हफ्ते में तीन नई कंपनियां लिस्ट होने वाली हैं। इनमें ओला इलेक्ट्रिक (Ola Electric), फर्स्ट क्राई (FirstCry) और स्नैपडील के निवेश वाली यूनिकॉमर्स (Unicommerce) शामिल है। इन तीनों कंपनियों की एक खास बात यह है कि इन सभी में जापान की दिग्गज इनवेस्टमेंट फर्म सॉफ्टबैंक (SoftBank) ने निवेश किया हुआ है। मनीकंट्रोल की एक एनालिसिस से पता चलता है कि सॉफ्टबैंक इन तीनों कंपनियों में किए अपने निवेश पर कुल 106 फीसदी या करीब 7,085 करोड़ रुपये के फायदे में है।
सॉफ्टबैंक इन तीनों कंपनियों के इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) में अपनी करीब 1,287 करोड़ रुपये तक की हिस्सेदारी बेच रही है। हालांकि IPO में इस हिस्सेदारी बिक्री के बाद भी, इसके पास इन तीनों कंपनियों में करीब 11,011 करोड़ रुपये तक की हिस्सेदारी या शेयर बचे रहेंगे।
सॉफ्टबैंक ने IPO से पहले भी फर्स्टक्राई में अपने 2,312 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे, लेकिन उसने बाकी दोनों कंपनियों में अभी तक अपने कोई शेयर नहीं बेचे हैं। इन तीनों कंपनियों के IPO
सॉफ्टबैंक ने फर्स्टक्राई और यूनिकॉमर्स में जिस भाव पर निवेश किया था, उससे करीब तीन गुना भाव पर वह IPO में अपने शेयर बेच रहा है। नियामकीय फाइलिंग के मुताबिक, सॉफ्टबैंक ने ओला इलेक्ट्रिक में 4,161 करोड़ रुपये, फर्स्टक्राई में 2,824 करोड़ रुपये और यूनिकॉमर्स में 100 करोड़ रुपये का निवेश किया है।
IPO के बाद भी सॉफ्टबैंक के पास ओला इलेक्ट्रिक के 8.61 करोड़ शेयर, फर्स्टक्राई के लगभग 10.4 करोड़ शेयर और यूनिकॉमर्स के लगभग 1.61 करोड़ शेयर बचे रहेंगे। इन कंपनियों के IPO के ऊपरी प्राइस बैंड के आधार पर इन शेयरों की कीमत क्रमश: 5,974 करोड़ रुपये, 4,863 करोड़ रुपये और 174 करोड़ रुपये है।
सूत्रों का कहना है कि सॉफ्टबैंक ने पिछले एक दशक में भारत के टेक स्टार्टअप में लगभग 10.6 बिलियन डॉलर (करीब 88,700 करोड़ रुपये) का निवेश किया है और अब तक लगभग 6-6.8 बिलियन डॉलर (लगभग 50,000 करोड़ रुपये से अधिक) की निकासी की है।
इसके पोर्टफोलियो की 4 यूनिकॉर्न कंपनियां शेयर बाजार में सूचीबद्ध हो चुकी हैं- जोमैटो, पीबी फिनटेक, पेटीएम और डेल्हीवरी। वहीं इस साल इसके निवेश वाली 5 और कंपनियों की लिस्टिंग हो सकती है, जिनमें ओला इलेक्ट्रिक, फर्स्टक्राई, स्विगी, ओयो और ऑफ बिजनेस शामिल हैं।