OYO IPO: दिग्गज हॉस्पिटैलिटी फर्म ओयो आईपीओ ला रही है। इसकी पैरेंट कंपनी प्रिज्म (Prism) की योजना इसके ₹6650 करोड़ के आईपीओ के जरिए जुटाए गए करीब दो-तिहाई पैसे से कर्ज हल्का करने की है। बाजार नियामक SEBI (सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया) के पास दाखिल आईपीओ के अपडेटेड ड्राफ्ट में यह बात सामने आई है। इसके आईपीओ के तहत सिर्फ नए शेयर जारी होंगे यानी कि कोई भी मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी आईपीओ के ऑफर फॉर सेल विंडो (OFS) के जरिए हल्की नहीं करेगा। ओयो के आईपीओ के ड्राफ्ट में यह बात भी सामने आई है कि कंपनी की वित्तीय सेहत में तेज सुधार हुआ है।
OYO IPO: घट सकता है आईपीओ का साइज
ओयो की पैरेंट कंपनी आईपीओ के जरिए जुटाए गए ₹4,987.5 करोड़ यानी करीब 75% कर्ज चुकाने के लिए तय किया है। बाकी पैसों का इस्तेमाल आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में होगा। यह इश्यू पूरी तरह से नए शेयरों का है और इसके आईपीओ का साइज घट सकता है। कंपनी ₹1,330 करोड़ तक का प्री-IPO प्लेसमेंट भी कर सकती है और अगर ऐसा होता है, तो इसते आईपीओ का साइज कम हो जाएगा।
कंपनी की कर्ज कम करने की यह योजना ऐसे समय में आई है जब ओयो स्टॉक मार्केट में लिस्ट होने से पहले अपनी बैलेंस शीट को मजबूत करना चाहती है। कंपनी को पिछले साल दिसंबर 2025 में गोपनीय तरीके से आईपीओ का ड्राफ्ट पेपर फाइल करने के बाद इस महीने की शुरुआत में प्रस्तावित आईपीओ के लिए सेबी से मंजूरी मिली। मनीकंट्रोल की पहले के रिपोर्ट के मुताबिक यह आईपीओ करीब $700-$800 करोड़ के वैल्यूएशन पर आ सकता है।
फाइलिंग में सामने आया है कि ओयो की वित्तीय सेहत में तेज सुधार हुआ है। वित्त वर्ष 2026 के पहले नौ महीने में इसकी सेहत तेजी से सुधरी। वित्त वर्ष 2026 के पहले नौ महीनों यानी अप्रैल-दिसंबर 2026 में प्रिज्म ने ₹6,941 करोड़ के ऑपरेशनल रेवेन्यू पर ₹748 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हासिल किया, जो सालामा आधार पर 11% अधिक रहा। ऑपरेटिंग लेवल पर वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट यानी EBITDA दोगुने से अधिक बढ़कर ₹953 करोड़ से ₹2,127 करोड़ पर पहुंच गया और एक्सेप्शनल आइटम, शेयर-बेस्ड पेमेंट खर्च और अन्य इनकम को छोड़कर यह ₹1,968 करोड़ रहा।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।