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Paras Defence IPO: कितना हुआ सब्सक्राइब, क्या है GMP, निवेश से पहले जान लीजिए क्या है जोखिम

Paras Defence IPO: दिन तक कंपनी का इश्यू 16.57 गुना सब्सक्राइब हुआ था

MoneyControl Newsअपडेटेड Sep 22, 2021 पर 2:09 PM
Paras Defence IPO:  कितना हुआ सब्सक्राइब, क्या है GMP, निवेश से पहले जान लीजिए क्या है जोखिम

Paras Defence IPO: डिफेंस सेक्टर की इस कंपनी का इश्यू 21 सितंबर को खुला और 23 सितंबर को बंद होगा। पहले दिन तक कंपनी का इश्यू 16.57 गुना सब्सक्राइब हुआ था। कंपनी के 71.40 लाख इक्विटी शेयरों के बदले 11.82 करोड़ शेयरों की बोली पहले दिन लग चुकी है। 20 सितंबर को कंपनी ने एंकर इनवेस्टर्स से 51.23 करोड़ रुपए जुटाए थे।
 
रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 31.36 गुना सब्सक्राइब हो गया। नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) के लिए रिजर्व हिस्सा 3.77 गुना सब्सक्राइब हुआ है। जबकि क्वालीफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स का हिस्सा 1 फीसदी सब्सक्राइब हुआ है।

Paras Defence अपने IPO से 171 करोड़ रुपए जुटा रही है। इसमें से 140.6 करोड़ रुपए का फ्रेश इश्यू जारी किए गए हैं जबकि 30 करोड़ रुपए के शेयर ऑफर फॉर सेल (OFS) में बेचे जा रहे हैं।

Paras Defence IPO: पारस डिफेंस का IPO पहले दिन 16 गुना सब्सक्राइब, जानिए क्या है GMP

ग्रे मार्केट में कंपनी के अनलिस्टेड शेयरों का प्रीमियम 22 सितंबर को 190 रुपए चल रहा है। कंपनी का इश्यू प्राइस 165-175 रुपए है। इस हिसाब से देखें तो ग्रे मार्केट में Paras Defence के अनलिस्टेड शेयर 365 रुपए (175+190) रुपए पर ट्रेड कर रहे हैं।

Paras Defence  इस रकम का इस्तेमाल अपनी कामकाजी जरूरतों को पूरा करने के लिए करेगी। इसका कुछ हिस्सा कर्ज के प्री-पेमेंट्स में जाएगा। बाकी रकम कारोबारी कामकाज में खर्च किया जाएगा। इस कंपनी के प्रमोटर शरद विरजी शाह और मुंजाल शरद शाह हैं। 

मार्केट में कंपनी की पैठ के बारे में ProfitMart Securities का कहना है कि महाराष्ट्र में कंपनी की दो मैन्युफैक्चरिंग प्लांट है। कंपनी इस फंड का इस्तेमाल नवी मुंबई के नेरुल वाले प्लांट के विस्तार पर करेगी।

क्या है जोखिम?

कंपनी की वित्तीय रिपोर्ट पर नजर डालें तो इसका ट्रैक रिकॉर्ड बहुत अच्छा नहीं है। चॉइस ब्रोकिंग के मुताबिक, "फिस्कल ईयर 2018 से 2021 तक कंपनी का प्रॉफिट 14.4% CAGR से गिरता रहा है। जबकि इस दौरान कंपनी की आमदनी 1.3% CAGR से गिरा है। इस दौरान EBITDA मार्जिन 26-30% तक रहा। पिछले 4 फिस्कल ईयर में से दो बार कंपनी का ऑपरेटिंग कैश फ्लो नेगेटिव रहा।

इस दौरान फाइनेंशियल लाइबिलिटीज 15.6% CAGR से बढ़ा है। हालांकि इस दौरान अच्छी बात ये रही कि डेट-टू-इक्विटी रेशियो घटा है यानी कंपनी ने अपना कर्ज कम किया है।"

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