फोनपे मार्च तक आईपीओ पेश कर सकती है। कंपनी के को-फाउंडर और सीईओ समीर निगम ने इस बारे में बताया। उन्होंने कहा कि यूपीआई ट्रांजेक्शंस पर एमडीआर के ऐलान और बढ़ते रेवेन्यू को देखते हुए फोनपे इस वित्त वर्ष के अंत तक अपना आईपीओ पेश कर सकती है।

फोनपे मार्च तक आईपीओ पेश कर सकती है। कंपनी के को-फाउंडर और सीईओ समीर निगम ने इस बारे में बताया। उन्होंने कहा कि यूपीआई ट्रांजेक्शंस पर एमडीआर के ऐलान और बढ़ते रेवेन्यू को देखते हुए फोनपे इस वित्त वर्ष के अंत तक अपना आईपीओ पेश कर सकती है।
आईपीओ के प्लान पर UPI पर एमडीआर का असर
निगम ने मनीकंट्रोल को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में कई महत्वपूर्ण बातें बताईं। उन्होंने कहा, "इसने (यूपीआई पर एमडीआर) निश्चित रूप से हमें आईपीओ के और करीब ला दिया है। कुछ दूसरे वेरिएबल्स भी हैं। हम इनमें से कुछ पर विचार कर रहे हैं। एमडीआर का मसला सेटल हो जाने पर हम दोबारा विचार (आईपीओ) करना शुरू करेंगे। उम्मीद है कि यह समय जल्द आने वाला है।"
NPCI ने यूपीआई ट्रांजेक्शंस पर एमडीआर का किया ऐलान
फोनपे के सीईओ का यह बयान यूपीआई पर एमडीआर के ऐलान के एक दिन बाद आया है। नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने 15 सितंबर को यूपीआई ट्रांजेक्शंस पर 0.4 फीसदी एमडीआर का ऐलान किया। 2000 रुपये से ज्यादा के ट्रांजेक्शंस एमडीआर चार्ज के दायरे में आएंगे। यह 15 अक्तूबर से लागू होगा।
एमडीआर का बोझ यूजर्स पर नहीं पड़ेगा
MDR वह कमीशन है, जिसका पेमेंट डिजिटल ट्रांजेक्शंस को प्रोसेस करने के लिए मर्चेंट्स बैंक को देते हैं। यूपीआई पर एमडीआर लागू होने के बाद अब यह मर्चेंट्स के लिए फ्री नहीं रह जाएगा। हालांकि, यूजर्स के लिए यह पहले की तरह फ्री बना रहेगा। हालांकि, अभी यह बताना मुश्किल है कि मर्चेंट्स पहले की तरह यूपीआई से पेमेंट लेंगे या नहीं।
फोनपे के आईपीओ को सेबी की मिल चुकी है मंजूरी
फोनपे ने इस साल की शुरुआत में आईपीओ का प्लान अनिश्चित समय के लिए टाल दिया था। उसने जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता और कमजोर इनवेस्टर सेंटीमेंट को इसका कारण बताया था। हालांकि, बेंगलुरु की इस फिनटेक फर्म के आईपीओ को सेबी की मंजूरी 20 जनवरी को मिल गई थी। तब मनीकंट्रोल ने खबर दी थी कि फोनपे आईपीओ से करीब 12,000 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है।
एमडीआर को पॉजिटिव रिस्पॉन्स का मिलेगा फायदा
निगम ने कहा, "करीब तीन-चार साल से यूपीआई पर एमडीआर की चर्चा चल रही थी। यह एक ऐसा मसला था, जिसके बारे में कई इनवेस्टर्स हमसे पूछते थे। इसका कंज्यूमर साइड और मर्चेंट साइड पर किस तरह का असर पड़ेगा? मेरा मानना है कि इस पर रिस्पॉन्स पॉजिटिव रहने पर हमें मदद मिलेगी।"
यूपीआई ट्रांजेक्शंस में यूपीआई की 45% हिस्सेदारी
एमडीआर चार्ज से आने वाले पैसे का करीब 20 फीसदी यूपीआई ऐप्स के पास जाएगा। यूपीआई ट्रांजेक्शंस में फोनपे का मार्केट शेयर 45 फीसदी से ज्यादा है। इसका मतलब है कि एमडीआर कलेक्शंस का करीब 10 फीसदी फोनपे के पास जा सकता है। पेटीएम ने 2021 के आखिर में खुद को शेयर बाजारों में लिस्ट कराया था। उसका आईपीओ करीब 18,000 करोड़ रुपये का था।
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