Platinum Industries IPO का प्राइस बैंड फिक्स, सिर्फ नए शेयर होंगे जारी

Platinum Industries IPO: प्लैटिनम इंडस्ट्रीज का कारोबार स्पेशल्टी केमिकल्स इंडस्ट्री में है। अब यह घरेलू मार्केट में लिस्ट होने की तैयारी कर रही है। IPO के लिए प्राइस बैंड फिक्स हो चुका है और अब अगले हफ्ते सब्सक्रिप्शन के लिए यह खुल भी जाएगा। पिछले तीन वित्त वर्षों से इस कंपनी की वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। आईपीओ में पैसे लगाने से पहले चेक करें कंपनी से जुड़ी हर डिटेल्स

अपडेटेड Feb 22, 2024 पर 12:28 PM
Platinum Industries IPO सब्सक्रिप्शन के लिए 27-29 फरवरी के बीच खुला रहेगा।

Platinum Industries IPO: स्टैबलाइजर बनाने वाली मुंबई की कंपनी प्लैटनिम इंडस्ट्रीज आईपीओ ला रही है और इस आईपीओ के लिए प्राइस बैंड फिक्स हो चुका है। सब्सक्रिप्शन के लिए यह आईपीओ 27 फरवरी को खुलेगा। एंकर निवेशकों के लिए यह इश्यू 26 फरवरी को खुलेगा। इस इश्यू के तहत सिर्फ नए शेयर जारी होंगे यानी ऑफर फॉर सेल (OFS) विंडो के जरिए शेयरहोल्डर्स अपनी हिस्सेदारी हल्की नहीं करेंगे। पिछले तीन वित्त वर्षों से इस कंपनी की वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। आईपीओ में पैसे लगाने से पहले कारोबारी डिटेल्स चेक करें जिसके बारे में नीचे दिया जा रहा है।

Platinum Industries IPO की डिटेल्स

प्लैटिनम इंडस्ट्रीज का 235.32 करोड़ रुपये का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 27-29 फरवरी के बीच खुला रहेगा। इस आईपीओ के लिए 162-171 रुपये का प्राइस बैंड और 87 शेयरों का लॉट फिक्स किया गया है। आईपीओ का 50 फीसदी हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 35 फीसदी और 15 फीसदी खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित है। आईपीओ की सफलता के बाद शेयरों का अलॉटमेंट 1 मार्च को फाइनल होगा। इसके बाद शेयरों की BSE और NSE पर 5 मार्च को एंट्री होगी। इश्यू का रजिस्ट्रार लिंक इनटाइम है। इश्यू के तहत 1,37,61,225 नए शेयर जारी होंगे। ऑफर फॉर सेल (OFS) विंडो के तहत शेयरों की बिक्री नहीं होगी। नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी सब्सिडियरी प्लैटिनम स्टैबलजाइजर्स इजिप्ट में निवेश, पालघर में पीवीसी स्टैबलाइजर्स के लिए मैनुफैक्चरिंग फैसिलिटी के सेटअप, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में होगा।


Platinum Industries के बारे में

प्लैटिनम इंडस्ट्री का कारोबार स्पेशल्टी केमिकल्स इंडस्ट्री में है। यह पीवीसी स्टैबलाइजर्स, सीपीवीसी एडिटिव्स और लुब्रिकेंट्स, पीवीसी फिटिंग्स, इलेक्ट्रिकल वायर्स और केबल्स, एसपीसी फ्लोर टाइल्स, रिजिड पीवीसी फोम बोर्ड्स और पैकेजिंग मैटेरियल्स बनाती है। अभी घरेलू मार्केट में ऐसी कोई कंपनी लिस्टेड नहीं है, जो पीवीसी स्टैबलाइजर्स और सीपीवीस एडिटिल्स बनाती है। प्रमोटर्स की इसमें 94.74 फीसदी हिस्सेदारी है।

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कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2021 में इसे 4.82 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2022 में बढ़कर 17.75 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2023 में उछलकर 37.58 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू भी सालाना 61 फीसदी से अधिक चक्रवृद्धि दर (CAGR) से उछलकर वित्त वर्ष 2023 में 232.56 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। चालू वित्त वर्ष 2023-24 की बात करें तो पहली छमाही अप्रैल-सितंबर 2023 में कंपनी को 22.84 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा और 123.73 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल हो चुका है।

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