Refractory Shapes IPO Listing: रिफ्रैक्टरी शेप्स के शेयरों ने मंगलवार 14 मई को शेयर बाजार में धमाकेदार शुरुआत की। कंपनी के शेयर NSE SME प्लेटफॉर्म पर 75 रुपये के भाव पर लिस्ट हुए, जो इसके 31 रुपये के इश्यू प्राइस से करीब 141.9% फीसदी अधिक है। इसका मतलब है कि कंपनी के आईपीओ में पैसा लगाने वाले निवेशकों को पहले ही दिन करीब 141.9 फीसदी का मुनाफा हुआ है।
रिफ्रैक्टरी शेप्स का आईपीओ 6 से 9 मई के बीच बोली के खुला था। इसका प्राइस बैंड 27 से 31 रुपये का था और इसका लॉट साइज 4,000 शेयरों का था। कंपनी के आईपीओ को निवेशकों से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला था और यह करीब 255 गुना अधिक सब्सक्रिप्शन के साथ बंद हुआ था। कंपनी ने अपने आईपीओ के जरिए 39.96 लाख शेयरों को बिक्री के लिए रखा था, जिसके बदले उसे 101.93 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिली थीं।
कंपनी को सबसे अधिक बोली नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) से मिली है, जिन्होंने अपने कैटेगरी को 464.43 गुना अधिक सब्सक्राइब किया। वहीं रिटेल निवेशकों के कैटगेरी में कंपनी को 260 गुना अधिक बोली मिली। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के कोटे में कंपनी को 91 गुना अधिक बोली मिली।
कंपनी का आईपीओ पूरी तरह से फ्रेश इश्यू का था और इससे कंपनी ने करीब 18.60 करोड़ रुपये जुटाए हैं। लिस्टिंग के बाद कंपनी में प्रमोटरों की हिस्सेदारी 72.48 फीसदी रह जाएगी। कंपनी के प्रमोटर दयाशंकर कृष्ण शेट्टी, प्रतिभा दयाशंकर शेट्टी और प्रजना श्रवण शेट्टी हैं।
रिफ्रैक्टरी शेप्स लिमिटेड ने साल 1996 में कारोबार की शुरुआत की थी और यह विभिन्न प्रकार की ईंटें, कास्टेबल्स, हाई एल्यूमिना कैटालिस्ट्स और सिरेमिक बॉल्स बनाती है। कंपनी के प्रोडेक्ट लिस्ट में प्री-कास्ट और प्री-फायर्ड ब्लॉक (PCPF), बर्नर ब्लॉक, विशेष आकार की रिफ्रैक्टरी ईंटें, सघन और इंसुलेटिंग कास्टेबल और मोर्टार शामिल हैं।
कंपनी को मेटालिक एंकरों के लिए भी ऑर्डर मिलते हैं, जिनका इस्तेमाल रिफ्रैक्ट्री कास्टिंग की स्थापना के लिए समर्थन के रूप में किया जाता है और जिसके लिए कच्चे माल जैसे टेबुलर एल्यूमिना, कम एल्यूमिना ईंटें और इन्सुलेट ईंटें आदि की जरूरत होती है। कंपनी के पास पुणे के पिंपरी इंडस्ट्रियल एरिया और गुजरात के वांकानेर में मैन्युफैक्चरिंग प्लांट हैं।