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Reliance Jio आईपीओ में 8% इंडिविजुअल हिस्सेदारी बेचने के लिए निवेशकों से कर रही बातचीत: रिपोर्ट

जियो प्लेटफॉर्म्स में कई बड़े विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी है। इनमें Meta, Google जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं। मेटा की हिस्सेदारी 9.99 फीसदी है, जबकि गूगल की 7.73 फीसदी है। विस्टा इक्विटी पार्टनर्स और केकेआर की भी इसमें हिस्सेदारी है

MoneyControl Newsअपडेटेड Mar 25, 2026 पर 2:57 PM
Reliance Jio आईपीओ में 8% इंडिविजुअल हिस्सेदारी बेचने के लिए निवेशकों से कर रही बातचीत: रिपोर्ट
जियो प्लेटफॉर्म्स ने 2020 में विदेशी निवेशकों को हिस्सेदारी बेचकर 20.5 अरब डॉलर से ज्यादा जुटाए थे।

रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स ने 8 फीसदी इंडिविजुअल्स हिस्सेदारी बेचने के लिए 13 बड़े विदेशी निवेशकों से बातचीत की है। कपंनी यह हिस्सेदारी अपने आने वाले आईपीओ में बेचेगी। मामले से जुड़े सूत्रों ने यह जानकारी दी। जियो प्लेटफॉर्म्स की टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो यूजर्स की संख्या के लिहाज से दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है। चाइना मोबाइल दुनिया की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है। जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ के लिए इस हफ्ते ड्राफ्ट पेपर्स फाइल कर सकती है।

जियो प्लेटफॉर्म्स में कई विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी

जियो प्लेटफॉर्म्स में कई बड़े विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी है। इनमें Meta, Google जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं। मेटा की हिस्सेदारी 9.99 फीसदी है, जबकि गूगल की 7.73 फीसदी है। विस्टा इक्विटी पार्टनर्स और केकेआर की भी इसमें हिस्सेदारी है। गल्फ के तीन सॉवरेन फंड्स-पब्लिक इनवेस्टमेंट फंड, मुबादला और अबुधाबी इनवेस्टमेंट अथॉरिटी ने भी जियो प्लेटफॉर्म्स में निवेश किया है।

प्रत्येक इनवेस्टर करीब 8% हिस्सेदारी बेचेगा 

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