मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने सचिन बंसल (Sachin Bansal) के फिनटेक स्टार्टअप नवी टेक्नोलॉजीज (Navi Technologies) को इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) लाने की मंजूरी दे दी है। फ्लिपकार्ट के फाउंडर सचिन बंसल इस स्टार्टअप के जरिए एक फाइनेंशियल सर्विस ग्रुप खड़ा करने की कोशिश में है और आईपीओ उनकी योजना एक अहम हिस्सा है।
नवी टेक्नोलॉजीज ने IPO के जरिए 3,350 करोड़ रुपये जुटाने के लिए इस साल मार्च में सेबी के पास ड्राफ्ट पेपर जमा किए थे। यह IPO पूरी तरह से फ्रेश इश्यू और शेयरहोल्डरों की तरफ से कोई ऑफर-फॉर-सेल (OFS) नहीं शामिल होगा। बता दें कि नवी टेक्नोलॉजीज की 97.39 फीसदी हिस्सेदारी सचिन बंसल के पास है।
SEBI की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के मुताबिक, फिनटेक फर्म को उसके दाखिल ड्राफ्ट पेपर के आधार पर 5 सितंबर को सेबी से टिप्पणी मिली। ड्राफ्ट पेपर के मुताबिक, कंपनी आईपीओ से मिले रकम का इस्तेमाल अपनी सब्सिडियरी कंपनियों- नवी फिनसर्व और नवी जनरल इंश्योरेंस में लगाएगी और कारोबार विस्तार के दूसरे लक्ष्यों में खर्च किया जाएगा।
नवी टेक्नोलॉजीज के IPO के लिए एक्सिस कैपिटल, बीओएफए सिक्योरिटीज, आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज, एडलवाइज फाइनेंशियल सर्विसेज और क्रेडिट सुइस इनवेस्टमैंट बैंकर होंगे। नवी ने सिरिल अमरचंद मंगलदास और इंडस लॉ को इश्यू का कानूनी सलाहकार बनाया है।
IPO के लिए मंजूरी मिलना नवी टेक्नोलॉजीज के लिए राहत भरी खबर है क्योंकि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने हाल ही में इसकी सहयोगी चैतन्य इंडिया फिन क्रेडिट को यूनिवर्स बैंकिंग लाइसेंस देने से इनकार कर दिया था।
सचिन बंसल ने 2007 में देश का सबसे बड़ा ईकॉमर्स प्लेटफॉर्म फ्लिपकार्ट शुरू की थी। 2018 में उन्होंने इसे वॉलमार्ट को बेच दिया और इससे अलग हो गए। इसके बाद उन्होंने करीब 4,000 करोड़ रुपये के निवेश से नवी टेक्नोलॉजी को शुरू किया। वी ने ग्रोथ के लिए आक्रामक रणनीति अपनाई है। उसके बिजनेस में लोन, जनरल इंश्योरेंस, म्यूचुअल फंड्स और माइक्रोफाइनेंस शामिल हैं।
2019 ने नवी ने चैतन्य इंडिया फिन क्रेडिट का अधिग्रहण किया था। इसके लिए कंपनी ने 739 करोड़ रुपये चुकाए थे। चैतन्य के जरिए ही नवी टेक्नोलॉजी ने यूनिवर्सल बैंकिंग लाइसेंस के लिए आरबीआई के पास अप्लाई किया था। नवी टेक्नोलॉजीज ने 2021 में एस्सेल एमएफ के एसेट्स का अधिग्रहण किया था। उसने पिछले साल एक ब्लॉकचेन फंड के लिए भी अप्लाई किया था। इसे सेबी से स्टॉकब्रोकिंग का लाइसेंस भी मिल चुका है।
नवी टेक्नोलॉजीज ने वित्त वर्ष 2021 में 71.1 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था। हालांकि वित्त वर्ष 2022 के पहले 9 महीनों में कंपनी को 206.42 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है।