Sachin Tendulkar-backed Spinny IPO: सचिन तेंदुलकर के निवेश वाली स्पिनी आईपीओ लाने की तैयारियों में जुटी है। पुरानी कारें बेचने वाली स्पिनी ने इसे लेकर बाजार नियामक सेबी के पास आईपीओ का ड्राफ्ट भी फाइल कर दिया है। मनीकंट्रोल को यह जानकारी सूत्रों के हवाले से मिली है। सूत्रों के मुताबिक यह आईपीओ ₹2500-3000 करोड़ तक का हो सकता है। हालांकि इसके साइज में अभी बदलाव हो सकता है। आईपीओ की यह फाइलिंग स्पिनी के अपनी पैरेंट कंपनी वैल्यूड्राइव टेक को अगस्त में प्राइवेट लिमिटेड कंपनी से पब्लिक लिमिटेड कंपनी बनाने के एक महीने के बाद आई है।
सूत्रों के मुताबिक फिलहाल स्पिनी की योजना आईपीओ के जरिए ₹2500-₹3000 करोड़ तक जुटाने की है। इस इश्यू के तहत नए शेयर जारी होंगे और साथ ही मौजूदा शेयरहोल्डर्स ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत भी शेयर बेच सकते हैं। आईपीओ के लिए कंपनी ने कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी, सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स इंडिया, मॉर्गन स्टैनले इंडिया कंपनी और 360 वन डब्ल्यूएएम को बुक रनिंग लीड मैनेजर नियुक्त किया है। सूत्रों के मुताबिक कंपनी की योजना अगले साल 2027 में लिस्ट होने की है लेकिन लिस्टिंग की तारीख अभी तक तय नहीं हुई है और यह सेबी की मंजूरी पर निर्भर करेगी।
स्पिनी के आईपीओ लाने की योजना ऐसे समय में बनी है, जब इसका रेवेन्यू लगातार बढ़ रहा है और घाटे में कमी आ रही है। रेगुलेटरी फाइलिंग के अनुसार कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू वित्त वर्ष 2025 में 25% बढ़कर ₹4,657 करोड़ हो गया, जो FY24 में ₹3,730 करोड़ था। सूत्रों के मुताबिक FY26 में कंपनी का रेवेन्यू उछलकर लगभग ₹6,000 करोड़ तक पहुंच गया और FY27 में इसमें 25-30% की और बढ़ोतरी की उम्मीद है।
कंपनी में बड़े-बड़े दिग्गजों का निवेश
स्पिनी को साल 2015 में नीरज सिंह, मोहित गुप्ता और रमंशू कुमार ने शुरू किया था। नीरज सिंह इसके सीईओ हैं। यह पुरानी कारों की खरीद-बिक्री करती है। साथ ही यह फाइनेंसिंग, इंश्योरेंस और आफ्टर-सेल्स सर्विसेज भी ऑफर करती है।
ट्रूबिल (Trubil), गोमैकेनिक (GoMechanic) और ऑटोकार इंडिया (AutoCar India) के अधिग्रहण के जरिए इसने ऑटोमोटिव इकोसिस्टम को और बढ़ाया है। अभी हर महीने यह लगभग 15,000 कारें बेच रही है और 25 शहरों में काम कर रही है। इसके अलावा देश के 100 से अधिक शहरों के सेलर्स को यह अपने प्लेटफॉर्म के जरिए लेन-देन की सुविधा देती है।
निवेश की बात करें तो अब तक यह करीब $78 करोड़ जुटा चुकी है और इसके सबसे बड़े शेयरहोल्डर्स टाइगर ग्लोबल और एस्सेल हैं। कंपनी ने पिछली बार एक्सेल लीडर्स फंड, फिडेलिटी इन्वेस्टमेंट्स और दूसरे निवेशकों से $150 करोड़ से $180 करोड़ के वैल्यूएशन पर लगभग $16.5 करोड़ जुटाए थे।
साल 2021 में $180 करोड़ के वैल्यूएशन पर अबू धाबी के ADQ, टाइगर ग्लोबल और एवेनिर ग्रोथ जैसे निवेशकों से $28.3 करोड़ जुटाने के बाद यह यूनिकॉर्न बनी थी। इसमें एलिवेशन कैपिटल, जनरल कैटलिस्ट, फंडामेंटम पार्टनरशिप, थिंक इन्वेस्टमेंट्स और वेस्टब्रिज कैपिटल ने भी पैसे लगाए हैं। सचिन की बात करें तो उन्होंने साल 2021 में पैसे लगाए थे और वह एक स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टर और ब्रांड एंबेसडर के तौर पर जुड़े।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।