Sai Infinium IPO: साई इनफीनियम अपने IPO के जरिए पैसे जुटाना चाहती है। कंपनी ने इसके लिए कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI के पास ड्राफ्ट पेपर दाखिल कर दिए हैं। IPO में केवल 1.96 करोड़ नए इक्विटी शेयर रहेंगे। ऑफर फॉर सेल नहीं होगा। कंपनी टीएमटी बार और एमएस बिलेट्स की मैन्युफैक्चरिंग और शिप की रीसाइक्लिंग के बिजनेस में है। यह साल 2004 में इनकॉरपोरेट हुई थी। कंपनी को पहले साई बंधन इनफीनियम के नाम से जाना जाता था। 30 मार्च, 2024 को साई इनफीनियम और फिडेलिस इंटरनेशनल का विलय हो गया।
साई इनफीनियम का मैन्युफैक्चरिंग प्लांट गुजरात के भावनगर में है। इसकी टीएमटी बार और एमएस बिलेट्स के उत्पादन के लिए प्रति 8 घंटे की शिफ्ट में 300 मीट्रिक टन की इंस्टॉल्ड कैपेसिटी है। यह लोहे और स्टील स्क्रैप से एमएस बिलेट्स का निर्माण करती है। फिर इन एमएस बिलेट्स का इस्तेमाल टीएमटी बार बनाने के लिए किया जाता है। लोहे और स्टील का स्क्रैप कंपनी की शिप रीसाइक्लिंग यूनिट और बाहरी सप्लायर्स से मिलता है।
IPO के पैसों का कैसे होगा इस्तेमाल
साई इनफीनियम अपने IPO से हासिल पैसों का इस्तेमाल 130 करोड़ रुपये की लागत वाला 17.4 मेगावाट हाइब्रिड पावर प्लांट और 65 करोड़ रुपये की लागत वाली माइल्ड स्टील (एमएस) स्ट्रक्चर रोलिंग मिल लगाने के लिए करना चाहती है। इसके अलावा, 19 करोड़ रुपये का इस्तेमाल शिप ब्रेकिंग प्लांट के लिए कार्गो वेसल (शिप- कोर्सिका) की खरीद के लिए किया जाएगा। बाकी पैसों का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। IPO के लिए सारथी कैपिटल एडवाइजर्स को बुक रनिंग लीड मैनेजर नियुक्त किया गया है।