JSW Cement IPO: जनवरी 2025 तक सीमेंट बिजनेस का आईपीओ लाने की तैयारी, चेयरमैन सज्जन जिंदल ने दी जानकारी

सीमेंट सेक्टर के अलावा जिंदल ने इंडियन स्टील सेक्टर में संभावित निवेश अवसरों में भी दिलचस्पी दिखाई। उन्होंने खास तौर पर कहा, JSW ग्रुप NMDC और राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (RINL) में अवसरों का पता लगाने के लिए उत्सुक होगा, जब भी सरकार इन कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बेचने का फैसला करेगी

अपडेटेड Nov 20, 2024 पर 2:36 PM
JSW ग्रुप जनवरी 2025 तक अपने सीमेंट डिवीजन के लिए इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) लाने का लक्ष्य बना रही है।

JSW Cement IPO: JSW ग्रुप के चेयरमैन सज्जन जिंदल ने CNBC-TV18 से खास बातचीत में बताया कि कंपनी जनवरी 2025 तक अपने सीमेंट डिवीजन के लिए इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) लाने का लक्ष्य बना रही है। कंपनी पहले भी आईपीओ के लिए आवेदन कर चुकी है, हालांकि कुछ कारणों से यह योजना सफल नहीं हो पाई। जेएसडब्ल्यू सीमेंट ने अगस्त 2024 में आईपीओ के लिए ड्राफ्ट पेपर दाखिल किए थे। कंपनी का इरादा 4000 करोड़ रुपये जुटाने का था, जिसमें फ्रेश शेयर के साथ ही ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए शेयरों की बिक्री होनी थी।

हालांकि, मार्केट रेगुलेटर सेबी ने 2 सितंबर 2024 को 477 मिलियन डॉलर के आईपीओ पर रोक लगा दी, जिससे लिस्टिंग प्रक्रिया में देरी हुई। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, जिंदल और उनके भाई-बहनों से जुड़े एक पुराने मामले के कारण ऐसा किया गया। इस फंड का इस्तेमाल नागौर, राजस्थान में सीमेंट बनाने वाली यूनिट के विस्तार के लिए करने की योजना थी। इसके साथ ही कंपनी के कुछ बकाया कर्जों का निपटान भी किया जाना था।

मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार सेबी हेक्सा सिक्योरिटीज एंड फाइनेंस कंपनी के स्वामित्व वाले निवेशों के आपसी ट्रांसफर से संबंधित संभावित नियामक उल्लंघन की जांच कर रही है। यह एक ऐसी कंपनी है जिसमें सज्जन जिंदल सहित जिंदल फैमिली के कई सदस्य डायरेक्टर के पदों पर थे। हालांकि, बुधवार को जिंदल ने संकेत दिया कि पिछली असफलताओं के बावजूद कंपनी अब जनवरी 2025 तक आईपीओ के साथ आगे बढ़ने पर फोकस कर रही है।


सीमेंट सेक्टर के अलावा जिंदल ने इंडियन स्टील सेक्टर में संभावित निवेश अवसरों में भी दिलचस्पी दिखाई। उन्होंने खास तौर पर कहा, "JSW ग्रुप NMDC और राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (RINL) में अवसरों का पता लगाने के लिए उत्सुक होगा, जब भी सरकार इन कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बेचने का फैसला करेगी।" इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) के मोर्चे पर जिंदल ने स्पष्ट किया कि कंपनी की टू-व्हीलर सेगमेंट में प्रवेश करने की कोई योजना नहीं है, लेकिन वह फोर-व्हीलर ईवी स्पेस पर फोकस करेगी।

उन्होंने कहा, "भारत को न्यू एनर्जी व्हीकल्स की सख्त जरूरत है। भारत को इस इंडस्ट्री में हलचल मचाने और वाहनों को तेजी से लाने के लिए नए अग्रेसिव प्लेयर्स की जरूरत है। भारत 2030 तक 6-7 मिलियन कारों का प्रोडक्शन करेगा और उनमें से एक मिलियन JSW के अधीन होंगी।" उन्होंने कहा कि कंपनी टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के लिए अन्य देशों के साथ बातचीत कर रही है और साथ ही JSW ग्रुप के भीतर EV टेक बनाने के लिए R&D कर रही है।

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