SBI फंड्स मैनेजमेंट के ₹11692.91 करोड़ के आने वाले IPO के काफी चर्चे हैं। यह साल 2026 में देश में अब तक का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू बनने वाला है। लिस्टिंग के बाद कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹1.17 लाख करोड़ होने की उम्मीद है। इस कंपनी में SBI के पास मेजॉरिटी स्टेक है और वह IPO के तहत कुछ हिस्सेदारी बेचने वाला है। इसलिए अनुमानित वैल्यूएशन के हिसाब से भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को लगभग ₹7,370 करोड़ हासिल होने की उम्मीद है।
SBI Funds Management IPO की ओपनिंग 14 जुलाई को और क्लोजिंग 16 जुलाई को होगी। इसके बाद अलॉटमेंट 17 जुलाई को फाइनल होगा, जबकि शेयरों की लिस्टिंग बीएसई और एनएसई पर 21 जुलाई हो सकती है। यह इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। नए शेयर जारी नहीं होंगे। लिहाजा IPO से होने वाली कमाई शेयर बेचने वालों के पास जाएगी। OFS में प्रमोटर और मौजूदा निवेशकों की ओर से 20.37 करोड़ इक्विटी शेयरों को बिक्री के लिए रखा जाएगा।
SBI की SBI फंड्स मैनेजमेंट में 61.76 प्रतिशत हिस्सेदारी है। 36.26 प्रतिशत हिस्सेदारी अमुंडी इंडिया होल्डिंग के पास है। OFS में प्रमोटर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया 12.83 करोड़ शेयर (6.3 प्रतिशत हिस्सेदारी) बेचने की तैयारी में है। इस हिस्सेदारी बिक्री से उसे लगभग ₹7,370 करोड़ मिलने का अनुमान है। लिस्टिंग के बाद, SBI की हिस्सेदारी घटकर 55.46% रह जाएगी।
अमुंडी इंडिया होल्डिंग को कितना मिल सकता है रिटर्न
OFS में पेरिस स्थित अमुंडी इंडिया होल्डिंग 7.53 करोड़ शेयर (3.7 प्रतिशत हिस्सेदारी) बेचेगी। अमुंडी ने लगभग 15 साल पहले सिर्फ ₹173.9 करोड़ में हिस्सेदारी खरीदी थी। अब SBI फंड्स मैनेजमेंट की अनुमानित वैल्यूएशन के आधार पर, शेयर बिक्री से अमुंडी इंडिया होल्डिंग को ₹4,330 करोड़ से ₹4,400 करोड़ के बीच मिल सकते हैं। 3.7 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने के बाद अमुंडी के पास 32.56% हिस्सेदारी बनी रहेगी।
2004 में SBI फंड्स मैनेजमेंट में सोसाइटे जेनरेल एसेट मैनेजमेंट SA ने 37 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी थी। तब से यह एक जॉइंट वेंचर है। बाद में 2011 में अमुंडी एसेट मैनेजमेंट ने अपनी सब्सिडियरी अमुंडी इंडिया होल्डिंग के जरिए यह हिस्सेदारी हासिल कर ली। अमुंडी यूरोप की सबसे बड़ी एसेट मैनेजर है और दुनिया की टॉप 10 एसेट मैनेजर कंपनियों में शामिल है।
SBI Funds Management देश की सबसे बड़ी AMC
SBI फंड्स मैनेजमेंट देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी है। यह भारत की सबसे पुरानी एसेट मैनेजमेंट कंपनी भी है और SBI म्यूचुअल फंड के लिए इनवेस्टमेंट मैनेजर के तौर पर काम करती है। कंपनी के ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) को मार्केट रेगुलेटर SEBI ने 12 जून का मंजूरी दी थी। SBI फंड्स मैनेजमेंट ने 19 मार्च, 2026 को SEBI के पास अपना DRHP जमा किया था।
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