Valiant Lab IPO: पैरासीटामोल बनाने वाली कंपनी वैलिएंट लैब का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है। आईपाओ में अगले हफ्ते 3 अक्टूबर तक पैसे लगा सकेंगे। इसके 152 करोड़ रुपये के आईपीओ के तहत सिर्फ नए शेयर जारी होंगे। ग्रे मार्केट में बात करें तो इसके शेयरों को लेकर कोई गतिविधि नहीं दिख रही है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी के फाइनेंशियल्स और फंडामेंटल्स के आधार पर आईपीओ में निवेश से जुड़ा फैसला लेना चाहिए। आईपीओ की सफलता के बाद इसके शेयरों की BSE और NSE पर लिस्टिंग होगी।
Valiant Lab IPO की डिटेल्स
वैलिएंट लैब का 152.46 करोड़ रुपये का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 3 अक्टूबर तक खुला रहेगा। इस आईपीओ में 133-140 रुपये के प्राइस बैंड और 105 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकते हैं। आईपीओ का आधा हिस्सा क्वालिफाईड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB), 15 फीसदी नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) और 35 फीसदी खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित है। आईपीओ की सफलता के बाद शेयरों का अलॉटमेंट 5 अक्टूबर को फाइनल होगा और फिर 9 अक्टूबर को BSE और NSE पर एंट्री होगी। इश्यू का रजिस्ट्रार लिंक इनटाइम है।
इस आईपीओ के तहत 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले 1,08,90,000 नए शेयर जारी होंगे। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल सब्सिडियरी वैलिएंट एडवांस्ड साइंसेज प्राइवेट लिमिटेड (VASPL) का नया प्लांट लगाने, इस सब्सिडियरी की वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में होगा।
1980 में बनी यह वैलिएंट लैबोरेटरीज (Valiant Laboratories) फार्मा इनग्रेडिएंट बनाती है। इसका फोकस पैरासीटामोल बनाने पर है। इसका प्लांट महाराष्ट्र के पालघर में है। यह चीन और कंबोडिया से पैरा एमिनो फिनॉल आयात करती है जिसका इस्तेमाल पैरासीटामोल बनाने में होता है। कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो पिछले वित्त वर्ष इसकी सेहत मं सुधार हुआ है।
वित्त वर्ष 2021 में इसे 30.59 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले ही वित्त वर्ष गिरकर 27.50 करोड़ रुपये रह गया। हालांकि फिर अगले ही वित्त वर्ष 2023 में इसका शुद्ध मुनाफा बढ़कर 29 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।