SpaceX IPO: डेनमार्क के पेंशन फंड ने स्पेसएक्स को किया ब्लैकलिस्ट, Elon Musk पर उठाए सवाल

SpaceX IPO: दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलॉन मस्क (Elon Musk) की स्पेसएक्स दुनिया का सबसे बड़ा आईपीओ लाने की तैयारी कर रही है। अब सामने आ रहा है कि डेनमार्क के पेंशन फंड ने आईपीओ को ब्लैकलिस्ट कर दिया और आईपीओ के बाद भी कंपनी में पैसे नहीं लगाने की बात कही। जानिए ऐसा क्यों

अपडेटेड May 31, 2026 पर 1:23 PM
Story continues below Advertisement
SpaceX IPO: दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलॉन मस्क की स्पेस कंपनी ने 20 मई को अपना आईपीओ एप्लीकेशन दाखिल किया था और औपचारिक तौर पर जून में इसकी मार्केटिंग शुरू होने की उम्मीद है।

SpaceX IPO: $2500 करोड़ यानी करीब ₹2 लाख करोड़ का एसेट्स बनाने वाले डेनमार्क के पेंशन फंड AkademikerPension ने ऐलान किया है कि वह एलॉन मस्क (Elon Musk) की स्पेसएक्स में निवेश नहीं करेगा। इसी फंड ने इस साल 2026 की शुरुआत में अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड्स से भी निवेश निकाल लिया था, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की धमकी दी थी। फंड के मुख्य निवेश अधिकारी (CIO) एंडेर्स शेल्डे (Anders Schelde) का कहना है कि स्पेसएक्स का सिर्फ वैल्यूएशन भी बहुत हाई नहीं है बल्कि इसका गवर्नेंस स्ट्रक्चर भी कैटेस्ट्रॉफिक यानी विनाशकारी है।

दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलॉन मस्क की स्पेस कंपनी ने 20 मई को अपना आईपीओ एप्लीकेशन दाखिल किया था और औपचारिक तौर पर जून में इसकी मार्केटिंग शुरू होने की उम्मीद है। इस आईपीओ पर गोल्डमैन सैक्स ग्रुप, मॉर्गन स्टैनले, बैंक ऑफ अमेरिका, सिटीग्रुप और जेपीमॉर्गन चेज समेत 18 बैंक काम कर रहे हैं।

वैल्यूएशन से ज्यादा दबदबे पर चिंता


ब्लूमबर्ग इंटेलिजेंस की रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी की आईपीओ फाइलिंग से इसके कॉरपोरेट गवर्नेंस को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए। एंडेरस का कहना है कि अगर वैल्यूएशन रीजनेबल होता तो भी AkademikerPension को स्पेसएक्स ब्लैकलिस्ट करना पड़ता। एडेरस ने कॉरपोरेट गवर्नेंस को लेकर सवाल उठाए हैं क्योंकि एलॉन मस्क के पास करीब 80% वोटिंग राइट्स होने की संभावना है और वह एक साथ सीईओ, सीटीओ और चेयरमैन के पद पर भी हैं। फंड का मानना है कि इतनी शक्ति का एक ही शख्स के हाथ में होना निवेशकों के लिए काफी रिस्की है। वैसे सिर्फ एकेडमिकरपेंशन ने ही इसे लेकर सवाल नहीं उठाए हैं बल्कि 14 मई को मस्क को भेजे गए एक पत्र में मार्के लेवाइन (Mark Levine), मार्की फ्रॉस्ट (Marcie Frost) और थॉमस डिनपोली (Thomas DiNapoli) ने भी इस गवर्नेंस स्ट्रक्चर पर चिंता जताई थी।

वैल्यूएशन को लेकर क्या है चिंता?

अगर सिर्फ वैल्यूएशन की बात करें तो स्पेसएक्स ने फरवरी में चैटबॉट, ग्रोक (Grok) और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व नाम Twitter) समेत मस्क की एआई कंपनी xAI को खरीद लिया था जिसके बाद स्पेसएक्स का वैल्यूएशन करीब $1 ट्रिलियन यानी $1 लाख करोड़ और xAI का $25 हजार करोड़ आंका गया था। एकेडेमिकरपेंशन के कैलकुलेशंस के मुताबिक स्पेसएक्स का वैल्यूएशन $1 ट्रिलियन से अधिक नहीं होना चाहिए तो ऐसे में निवेश पर मिलने वाले रिटर्न को देखते हुए पेंशन फंड ने आईपीओ में हिस्सा नहीं लेने का फैसला किया।

पेंशन फंड के मुताबिक निवेशकों से एक ऐसी कंपनी में निवेश करने को कहा जा रहा है जिसका रिस्क बहुत अधिक है, जबकि उसके बदले मिलने वाला रिस्क प्रीमियम बहुत कम है। उनका कहना है कि कंपनी का वैल्यूएशन आर्थिक वास्तविकताओं की बजाय मस्क की कहानियों और भविष्य के वादों पर अधिक आधारित दिखाई देता है। हालांकि यह भी ध्यान दें कि एडेरेस के मुताबिक अगर वैल्यूएशन और गवर्नेंस रिस्क न होता तो पेंशन फंड स्पेसएक्स और इसकी तकनीक में निवेश करता। बता दें कि एकेडेमिकरपेंशन ने पिछले वर्ष टेस्ला में अपनी हिस्सेदारी बेच दी थी और आरोप लगाया था कि एलॉन मस्क कंपनी के ब्रांड और वैल्यू को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

Elon Musk's SpaceX IPO: दुनिया का सबसे बड़ा आईपीओ, एक और पड़ाव पार

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।