Sula Vineyards IPO: वाइन बनाने और बेचने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनी सुला वाइनयार्ड्स ने अपना इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) खुलने से पहले शुक्रवार 9 दिसंबर को एंकर निवेशकों से 288.10 करोड़ रुपये जुटाए। कंपनी ने शेयर बाजारों को भेजी एक सूचना में बताया कि IPO के ऊपरी प्राइस बैंड पर एंकर निवेशकों को करीब 80.70 लाख शेयर आवंटित किए गए हैं। Sula Vineyards ने अपने IPO का प्राइस बैंड 340 से 357 रुपये प्रति शेयर रखा है। कंपनी का आईपीओ 12 दिसंबर को बोली के लिए खुलेगा और 14 दिसंबर को बंद होगा।
Sula Vineyards ने बताया कि कुल 22 एंकर निवेशकों ने कंपनी के शेयर खरीदे। इनमें अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी, गोल्डमैन सैक्स, न्यूयॉर्क स्टेट टीचर्स रिटायरमेंट सिस्टम, अशोका इंडिया इक्विटी इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट पीएलसी, सेगंटी इंडिया मॉरीशस, मॉर्गन स्टेनली, बीएनपी परिबास आर्बिट्रेज और सिटीग्रुप वैश्विक बाजार मॉरीशस जैसे कई इंटरनेशनल निवेशक शामिल हैं।
इसके अलावा आदित्य बिड़ला सन लाइफ ट्रस्टी, HDFC म्यूचुअल फंड, SBI म्यूचुअल फंड, ICICI प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस, HDFC लाइफ इंश्योरेंस, आदित्य बिड़ला सन लाइफ इंश्योरेंस और मैक्स लाइफ इंश्योरेंस जैसे घरेलू निवेशकों ने भी कंपनी में शेयर खरीदे।
Sula Vineyards IPO की डिटेल्स
सुला का 960 करोड़ रुपये का आईपीओ अगले हफ्ते 12-14 दिसंबर के बीच खुलेगा। इस इश्यू के तहत कोई भी नया शेयर जारी करने की योजना नहीं है यानी कि यह पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) इश्यू होगा। इस आईपीओ के लिए 340-357 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड और 42 शेयरों का लॉट साइज फिक्स किया गया है। शेयरों का अलॉटमेंट 19 दिसंबर को फाइनल होगा और लिस्टिंग 22 दिसंबर को हो सकती है।
Sula Vineyards IPO का ग्रे मार्केट प्रीमियम GMP
बाजार जानकारों के मुताबिक, ग्रे मार्केट में इसके शेयर 34 रुपये के GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) पर ट्रेड हो रहे हैं। हालांकि जानकारों का यह भी कहना है सिर्फ ग्रे मार्केट से मिले संकेतों के आधार पर निवेश करना सही नहीं है। इसकी बजाय कंपनी के फंडामेंटल्स और वित्तीय प्रदर्शन के आधार पर फैसला लेना चाहिए।
कंपनी के बारे में जानकारी
सुला नासिक की कंपनी है। इसके नासिक और बेंगलुरू में दो मैन्युफैक्चरिंग प्लांट हैं। जनवरी तक उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक इसकी उत्पादन क्षमता 1.3 करोड़ लीटर वाइन बनाने की है जिसमें से 1.1 करोड़ लीटर नासिक में तैयार होता है। घरेलू वाइन मार्केट में इसकी दमदार मौजूदगी है।
वाइन के अलावा सुला को दो वाइन रिजॉर्ट्स- बियांड सुला और द सोर्स ऐट सुला, के जरिए भी रेवेन्यू हासिल होता है। इसके अलावा कंपनी ने इंटरनेशनल ब्रांड्स Grand Noir, Hardys, Beluga Vodka इत्यादि के साथ विदेशी वाइन की देश में बिक्री के लिए डीलरशिप एग्रीमेंट किया हुआ है। कंपनी के वाइन सेग्मेंट का 50 फीसदी रेवेन्यू महाराष्ट्र और कर्नाटक से आता है।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना हेतु दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।