Tata Group IPO: टाटा टेक (Tata Tech) की नवंबर 2023 में लिस्टिंग के बाद से टाटा ग्रुप की एक और कंपनी लिस्ट होने की तैयारी में एक कदम आगे बढ़ा चुकी है। ग्रुप की फाइनेंशियल सर्विसेज इकाई टाटा कैपिटल (Tata Capital) ने बाजार नियामक सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) के पास इसका ड्राफ्ट जमा कर दिया है। हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) गोपनीय तरीके से सेबी के पास दाखिल किया गया है। यह आईपीओ करीब 15 हजार करोड़ रुपये का है। इस आईपीओ के तहत नए शेयर जारी होंगे। इसके अलावा टाटा सन्स भी आईपीओ के ऑफर फॉर सेल (OFS) विंडो के तहत अपनी हिस्सेदारी हल्की करेगी। टाटा सन्स की टाटा कैपिटल में 92.83 फीसदी हिस्सेदारी है।
Tata Capital क्यों ला रही आईपीओ?
टाटा कैपिटल को बोर्ड से पहले ही 2.3 करोड़ इक्विटी शेयर फ्रेश इश्यू और ऑफर फॉर सेल के जरिए लाने की मंजूरी मिल चुकी है। इसके बारे में स्टॉक एक्सचेंजों पर पहले ही खुलासा हुआ था। यह एक अपर-लेयर नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी (NBFC) है और आरबीआई के नियमों के मुताबिक इस कैटेगरी में आने के तीन साल के भीतर लिस्ट होना जरूरी है। टाटा कैपिटल के लिए यह मियाद सितंबर 2025 में खत्म हो रही है।
टाटा ग्रुप की फ्लैगशिप फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी और टाटा सन्स की सहायक कंपनी टाटा कैपिटल एनबीएफसी के रूप में काराबोर करती है। वित्त वर्ष 2024 में टाटा कैपिटल को 18,178 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल हुआ था जो सालाना आधार पर 34% अधिक है। कंपनी का लोनबुक सालाना आधार पर 40 फीसदी उछलकर 1 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया और मुनाफा भी 3,150 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025 की बात करें तो पहली छमाही में टाटा कैपिटल का ग्रोथ मोमेंटम जारी रहा और मुनाफा सालाना आधार पर 21 फीसदी बढ़कर 1,825 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।