भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स कमज़ोरी के साथ कारोबार कर रहे हैं। 10.30 बजे के आसपास सेंसेक्स 635 अंक या 0.84 प्रतिशत गिरकर 74,940 के आसपास और निफ्टी 165 अंक यानी 0.69 प्रतिशत गिरकर 23,470 पर दिख रहा था। निफ्टी पर बढ़त बनाने वाले प्रमुख शेयरों में मैक्स हेल्थकेयर,अदाणी एंटरप्राइजेज,हिंडाल्को,ONGC और L&T शामिल हैं। जबकि गिरावट वाले शेयरों में इन्फोसिस,HCL टेक,टेक महिंद्रा,विप्रो और TCS शामिल हैं। सेक्टर के हिसाब से देखें तो IT इंडेक्स 3% नीचे गिरा है। जबकि एनर्जी इंडेक्स 1% ऊपर है। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.4% और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.3% नीचे आया है।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी के विजयकुमार का कहना है कि अभी मार्केट पर दो बड़ी चुनौतियों का असर पड़ रहा है। पहली,अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमत $100 के आसपास बनी हुई है,जो अर्थव्यवस्था पर दबाव डाल रही है। दूसरी,तेज़ी से बढ़ते IPO मार्केट की वजह से मार्केट से नकदी निकल रही है,जिससे निफ्टी में लगातार गिरावट आ रही है। शायद,दूसरी वजह का असर पहली वजह से ज़्यादा है।
जून के बाद से IPO से मिलने वाले लिस्टिंग गेन में लगभग 22% की बढ़ोतरी हुई है। यह रिटेल और इंस्टीट्यूशनल दोनों तरह के इन्वेस्टर्स को IPO मार्केट की ओर खींच रही है। यह बात समझ में आती है क्योंकि साल की शुरुआत से अब तक निफ्टी का रिटर्न 9.5% नेगेटिव रहा है।
यहा तक कि FIIs,जिन्होंने इस साल अब तक एक्सचेंजों के ज़रिए 2,84,000 करोड़ रुपये की इक्विटी बेची है,उन्होंने भी इस साल अब तक IPO में लगभग 36,000 करोड़ रुपये लगाए हैं। हर कोई IPO मार्केट के इस मोमेंटम (तेजी) का फायदा उठा रहा है। इस होड़ ने IPO के वैल्यूएशन को भी बढ़ा दिया है। वैल्यूएशन की परवाह किए बिना IPO सब्सक्राइब हो रहे हैं। IPO के लिए अप्लाई करते समय इन्वेस्टर्स को समझदारी से काम लेना चाहिए।
अच्छे और सही कीमत वाले IPO भी मौजूद हैं। इन्वेस्टर्स इनके लिए अप्लाई कर सकते हैं। लेकिन FOMO (कुछ छूट जाने का डर में आकर सभी IPO में आंख बंद करके अप्लाई करने के बजाय, इन्वेस्टर्स अब सही वैल्यूएशन वाले स्टॉक्स,खासकर ग्रोथ सेक्टर की लार्ज-कैप कंपनियों के स्टॉक्स जमा कर सकते हैं।
इन सेगमेंट्स में इन्वेस्ट करने और सब्र के साथ इंतजार करने से इन्वेस्टर्स को अच्छा फ़ायदा मिल सकता है,जबकि कई IPO के इश्यू प्राइस से नीचे जाने का जोखिम भी रहता है। FOMO के बजाय समझदारी दिखाना बेहतर है।
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