Veranda Learning Solutions IPO: वेरांडा लर्निंग सॉल्यूशंस का IPO आज यानी 29 मार्च को सब्सक्रिप्शन के लिए खुला है। कंपनी ने 200 करोड़ रुपये के पब्लिक ऑफर के लिए 130-137 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। Veranda Learning Solutions का IPO 31 मार्च को बंद होने वाला है।
इस ऑफर में 200 करोड़ रुपए का फ्रेश इश्यू जारी हो रहा है। पिछले कुछ समय से शेयर बाजार में उतारचढ़ाव बना हुआ है। ऐसे में इस हफ्ते वेरांडा लर्निंग से पहले उमा एक्सपोर्ट का इश्यू 28 मार्च को खुला था।
Veranda Learning Solutions के IPO से जुड़ी 10 अहम बातें
-इस आईपीओ का 75 फीसदी हिस्सा QIB के लिए रिजर्व है जबकि 15 फीसदी हिस्सा गैर संस्थागत निवेशकों के लिए रिजर्व है जबकि 10 फीसदी हिस्सा रिटेल निवेशकों के लिए रिजर्व है।
-इसके शेयरों को बीएसई और एनएसई दोनों पर लिस्ट कराने का प्रस्ताव है।
-IPO के लिए केफिनटेक प्रा. लि. रजिस्ट्रार है और वह शेयर अलोकेशन और रिफंड का प्रबंधन करेगी। सिस्टमैटिक्स कॉरपोरेट सर्विसेज लि. को ऑफर के लिए मैनेजर नियुक्त किया गया है।
Hariom Pipe IPO: प्राइस बैंड 144-153 रुपये निर्धारित, जानिए दूसरी अहम बातें
- लॉट साइज 100 शेयरों का है। निवेशकों को कम से कम 13,700 रुपये लगाने होंगे।
-वेरांडा लर्निंग सॉल्युशंस, कलपथी एजीएस ग्रुप की एड-टेक वेंचर है और पूरे भारत में स्टेट पीएससी, बैंकिंग/ स्टाफ सलेक्शन/ आरआरबी, आईएएस और सीए सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम्स की पेशकश करती है।
-कंपनी ने 2020 में ऑपरेशन शुरू किया था। 30 सितंबर में समाप्त छह महीने के दौरान कंपनी को 15.6 करोड़ रुपये का रेवेन्यू अर्जित हुआ था।
- कंपनी छात्रों को ऑनलाइन, ऑफलाइन हाइब्रिड और ऑफलाइन ब्लेंडेड फॉर्मेट में विविधतापूर्ण और एकीकृत लर्निंग सॉल्युशंस की पेशकश करती है।
- ब्रोकरेज के मुताबिक, शेयरों का अलॉटमेंट 5 अप्रैल और लिस्टिंग 7 अप्रैल को होने की संभावना है।
- अनलिस्टेड एरेना के अभय दोशी ने कहा, “कंपनी ने दिसंबर, 2020 में बिजनेस शुरू किया था और इसलिए इसके आकलन के लिए ज्यादा ट्रैक रिकॉर्ड नहीं है। कंपनी ने वित्त वर्ष 22 की पहली छमाही में 15.6 करोड़ रुपये के रेवेन्यू पर 18.2 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। यह सेक्टर अभी उभर रहा है और बेहद प्रतिस्पर्धी है, क्योंकि बड़ी कंपनियों पर खासा कैश मौजूद है।”
-उन्होंने कहा, “घाटे वाली कंपनी के लिए मांगा जा रहा प्राइस सेल्स की तुलना में 25 गुना है। प्राइमरी मार्केट का सेंटीमेंट कमजोर है और हाल में घाटे वाली कंपनियां अच्छे आगाज में नाकाम रही हैं।”