जेटवर्क मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस लिमिटेड ने अपने IPO के लिए इनवेस्टर रोडशो शुरू कर दिए हैं। कंपनी ने इस साल सितंबर के आखिर तक पब्लिक इश्यू को लॉन्च करने का लक्ष्य रखा है। मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सूत्रों का कहना है कि रोडशोज की प्रगति और बाजार की मौजूदा स्थितियों के आधार पर हो सकता है कि जेटवर्क मैन्युफैक्चरिंग का IPO अक्टूबर के मध्य के आसपास लॉन्च हो। IPO के मामले में रोड शो का मतलब है- संबंधित कंपनी के मैनेजमेंट की ओर से इनवेस्टर्स के साथ मीटिंग्स और रिप्रेजेंटेशंस।
मीटिंग्स में IPO ला रही कंपनी के अधिकारी संभावित निवेशकों से बातचीत करते हैं और उन्हें समझाते हैं कि उनके IPO में निवेश करना क्यों उचित है। अक्सर, कंपनियां IPO के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए बड़े शहरों में कई मीटिंग आयोजित करती हैं। जेटवर्क ने अपने IPO के लिए इस साल मार्च में कॉन्फिडेंशियल तरीके से ड्राफ्ट पेपर जमा किए थे। कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी से जुलाई में मंजूरी मिलने के बाद अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस 13 अगस्त 2026 को फाइल किया।
अपडेटेड ड्राफ्ट के अनुसार, कंपनी के पब्लिक इश्यू में 2,600 करोड़ रुपये तक के नए शेयर जारी होंगे। साथ ही 9.68 करोड़ तक शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा। OFS में प्रमोटर-ग्रुप एंटिटी Creovate Innovation की ओर से 2.30 करोड़ शेयरों को बिक्री के लिए रखा जाएगा। को-फाउंडर अमृत आचार्य और श्रीनाथ रामकृष्णन 1.42-1.42 करोड़ तक शेयर बेचेंगे। इसके अलावा निवेशक पीक XV, एक्सेल, लाइटस्पीड और के कैपिटल भी शेयरों को बिक्री के लिए पेश करेंगे।
जेटवर्क पहले एक डिजिटल मार्केटप्लेस थी और अब मैन्युफैक्चरर्स को ग्राहकों से जोड़कर एक एंड-टू-एंड इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म बन गई है। यह कई सेक्टर्स में कस्टम-बिल्ट कंपोनेंट्स के लिए इंजीनियरिंग, उत्पादन और डिलीवरी को व्यवस्थित करती है। ग्राहक डिजाइन प्रदान करते हैं, जेटवर्क सप्लायर का चयन, गुणवत्ता नियंत्रण, टाइमलाइंस और लॉजिस्टिक्स को संभालती है। कंपनी लैपटॉप, हियरेबल्स, वियरेबल्स, IT हार्डवेयर बनाती है। जेटवर्क में खोसला वेंचर्स, एक्सेल, लाइटस्पीड, पीक XV पार्टनर्स, ग्रीनओक्स, एवेनिर जैसे दिग्गजों का पैसा लगा हुआ है।
जेटवर्क में फुली डाइल्यूटेड बेसिस पर पीक XV पार्टनर्स इनवेस्टमेंट्स V सबसे बड़ी इंडीविजुअल शेयरहोल्डर है, जिसके पास 9.12 प्रतिशत हिस्सेदारी है। ग्रीनओक्स कैपिटल अपॉर्चुनिटीज फंड II के पास 8.61 प्रतिशत, रामकृष्णन के पास 8.36 प्रतिशत, एक्सेल इंडिया V के पास 7.74 प्रतिशत और आचार्य के पास 7.53 प्रतिशत हिस्सा है।
IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल
Zetwerk अपने IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों में से 1,250 करोड़ रुपये का इस्तेमाल अपना कर्ज चुकाने और 550 करोड़ रुपये का इस्तेमाल अपनी 9 सब्सिडियरी कंपनियों का कर्ज चुकाने के लिए करने वाली है। बाकी रकम का इस्तेमाल पहले से न पता अधिग्रहणों, अन्य रणनीतिक निवेशों और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। वित्त वर्ष 2025-26 में जेटवर्क की ऑपरेशन्स से होने वाली आय 40 प्रतिशत बढ़कर 15,913.32 करोड़ रुपये हो गई। घाटा 333 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 1,606.17 करोड़ रुपये हो गया।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।