Amanatullah Khan Arrested: लोकसभा चुनाव से ठीक पहले AAP को एक और बड़ा झटका, ED ने MLA अमानतुल्लाह खान को किया गिरफ्तार

Amanatullah Khan Arrested: AAP विधायक अमानतुल्ला खान पर आरोप है कि दिल्ली वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष के पद पर रहते हुए, उन्होंने 32 लोगों को अवैध रूप से भर्ती किया। साथ ही उन्होंने अवैध रूप से दिल्ली वक्फ बोर्ड की कई संपत्तियों को किराए पर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले हफ्ते ही इस मामले में उनकी अग्रिम जमानत की याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया था

अपडेटेड Apr 18, 2024 पर 11:35 PM
Amanatullah Khan Arrested: ED ने AAP विधायक अमानतुल्लाह खान को किया गिरफ्तार

Amanatullah Khan Arrested: आम आदमी पार्टी (AAP) को लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections 2024) से ठीक पहले एक और बड़ा झटका लगा है। AAP विधायक अमानतुल्लाह खान को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें वक्फ बोर्ड नियुक्ति घोटाले में PMLA के तहत गिरफ्तार किया गया।  अमानतुल्ला खान (Amanatullah Khan) गुरुवार को मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक मामले में पूछताछ के लिए ED के समक्ष पेश हुए थे। करीब 9 घंटे की पूछताछ बाद खान को केंद्रीय एजेंसी ने गिरफ्तार कर लिया।

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली वक्फ बोर्ड में खान की अध्यक्षता के दौरान हुईं कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) विधायक की अग्रिम जमानत याचिका पर विचार करने से पिछले सप्ताह इनकार कर दिया था जिसके बाद अब उनसे यह पूछताछ हुई है। शीर्ष अदालत ने उन्हें 18 अप्रैल को जांच में शामिल होने का निर्देश दिया था।

CBI और पुलिस की FIR से जुड़ा है मनी लॉन्ड्रिंग केस


ED ऑफिस में एंट्री करने से पहले उन्होंने पत्रकारों के सामने दावा किया कि जब वह वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष थे, तो उन्होंने नियमों का पालन किया और कानूनी राय लेने के बाद और 2013 में आए नए अधिनियम (बोर्ड के लिए) के अनुसार ही काम किया।

खान के खिलाफ धन शोधन का मामला केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की FIR और दिल्ली पुलिस की तीन शिकायतों से संबंधित है।

अमानतुल्लाह खान पर लगे ये आरोप

ईडी ने दावा किया है कि खान ने दिल्ली वक्फ बोर्ड में कर्मचारियों की अवैध भर्ती के माध्यम से बड़ी रकम कैश में अर्जित की और अपने सहयोगियों के नाम पर अचल संपत्ति खरीदने के लिए उस रकम का निवेश किया।

खान के ठिकानों पर ED की छापेमारी भी हो चुकी है।

ED ने एक बयान में आरोप लगाया था कि वक्फ बोर्ड में कर्मचारियों की अवैध भर्ती हुई और खान की अध्यक्षता (2018-2022) के दौरान वक्फ बोर्ड की संपत्तियों को गलत तरीके से पट्टे पर देकर खान ने अवैध तरीके से लाभ कमाया।

ईडी ने कहा कि खान ने इन आपराधिक गतिविधियों से नकद में बड़ी रकम कमाई की और इस नकद राशि को अपने सहयोगियों के नाम पर दिल्ली में अलग-अलग अचल संपत्तियों की खरीद में निवेश किया ।

इसमें कहा गया था कि छापे के दौरान कई अपराधिक सामग्री जब्त की गई, जो मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में खान की भूमिका का संकेत देती है।

AAP ने किया खान का बचाव

आम आदमी पार्टी (AAP) ने आरोप लगाया था कि यह जांच उन झूठे मामलों में से एक थी, जो उसकी पार्टी के नेताओं के खिलाफ दायर किए जा रहे थे।

सुप्रीम कोर्ट ने 15 अप्रैल के अपने आदेश में खान को कोई राहत देने से इनकार कर दिया था और विधायक की तरफ से ED के समन में शामिल न होने पर नाराजगी जताई थी।

SC ने भी जताई नाराजगी

पीठ ने उनके वकील से कहा "क्या हुआ है... बार-बार समन जारी किए गए और आप उपस्थित नहीं हुए। यह गलत है। हम इसे कैसे माफ कर सकते हैं?"

एजेंसी ने इस मामले में जनवरी में आरोपपत्र दायर किया और खान के तीन कथित सहयोगियों - जीशान हैदर, दाउद नासिर और जावेद इमाम सिद्दीकी सहित चार लोगों को नामित किया है।

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