Assam election 2026: असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रत्याशी के तौर पर शुक्रवार (20 मार्च) को जलुकबाड़ी विधानसभा क्षेत्र से नामांकन पत्र दाखिल कर दिया। नामांकन के दौरान उनके साथ उनकी पत्नी रिनिकी भुयान शर्मा, बेटा नंदिल विश्व शर्मा और गुवाहाटी से बीजेपी की सांसद बिजुली कालिता मेधी मौजूद थीं। नामांकन पत्र दाखिल करने से पहले मुख्यमंत्री ने गाड़ी पर सवार होकर खानापारा क्षेत्र के वेटरिनरी फील्ड से लगभग 5.6 किलोमीटर दूर कामरूप (महानगर) जिला निर्वाचन कार्यालय तक रैली निकाली। फिर उन्होंने अपना नामांकन दाखिल किया।
नामांकन दाखिल करने से पहले मुख्यमंत्री ने अपनी मां मृणालिनी देवी का आशीर्वाद लिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, "शुभ काम की शुरुआत हमेशा मां के आशीर्वाद से होनी चाहिए। इन दिनों मैं उनके साथ अधिक समय नहीं बिता पाता, लेकिन उनका आशीर्वाद मुझे 'आई असोमी' (मां असम) की सेवा जारी रखने की शक्ति देता है।" रातभर और तड़के हुई भारी बारिश के बावजूद सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग वेटरनरी फील्ड में इकट्ठा हो गए थे।
इससे पहले एक अन्य पोस्ट में सरमा ने कहा, "मैं असम में चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल करते समय खानापारा वेटरिनरी फील्ड से कामरूप (एम) में डीसी कार्यालय तक रैली में शामिल होने के लिए सभी को आमंत्रित करता हूं। आपका आशीर्वाद मेरी इस यात्रा को ऊर्जा देगा और मुझे असम की जनता द्वारा सौंपी गई जिम्मेदारी को पूरा करने के लिए प्रेरित करेगा।"
जलुकबाड़ी सीट पर 2021 से सरमा का कब्जा
सरमा गुवाहाटी लोकसभा क्षेत्र के तहत आने वाले जलुकबाड़ी का 2001 से प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। वह आगामी चुनाव में वह लगातार छठी बार इस सीट को बरकरार रखने की कोशिश करेंगे। उन्होंने पहली बार 1996 में इस सीट से चुनाव लड़ा था जिसमें वह असम गण परिषद (एजीपी) के नेता भृगु कुमार फुकन से 17,000 मतों से हार गए थे।
लेकिन 2001 में उन्होंने 10,000 मतों के अंतर से जीत दर्ज कर उनसे यह सीट छीन ली थी। नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि 23 मार्च है। नामांकन पत्रों की जांच अगले दिन की जाएगी। जबकि नाम वापस लेने की अंतिम तिथि 26 मार्च निर्धारित है। असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतदान 9 अप्रैल को होगा। जबकि मतगणना चार मई को की जाएगी।
'असम की जनता का मिला पूरा समर्थन'
सरमा ने कहा, "यह मेरा 7वां चुनाव होगा। मुझे उम्मीद है कि मुझे अपने विधानसभा क्षेत्र के साथ-साथ असम की जनता का भी पूरा समर्थन मिलेगा।" इस दौरान असम कांग्रेस के अध्यक्ष गौरव गोगोई के बयान पर उन्होंने कहा, "अगर कांग्रेस पार्टी ने मुझे एक 'संस्था' का दर्जा दिया है, तो मुझे खुश होना चाहिए। मैं उनका तहे दिल से शुक्रिया अदा करता हूं कि एक पार्टी से लड़ने के बजाय उन्होंने कहा कि वे एक व्यक्ति से लड़ रहे हैं।"
सीएम ने आगे कहा, "इसका मतलब है कि आज मैं एक 'संस्था' बन गया हूं। मैं ऐसा नहीं हूं। लेकिन फिर भी अगर आपको कोई तारीफ मिलती है, तो आपको शुक्रिया कहना चाहिए... आज शाम को कांग्रेस के कई लोग (BJP में) शामिल होंगे।"
अपने एजेंडे के बारे में बात करते हुए सरमा ने कहा, "मैं हर एक हिंदू व्यक्ति को BJP के दायरे में लाने जा रहा हूं। यही मेरा मिशन है। हिंदुओं को एकजुट होना चाहिए। मेरे जीवन के मिशनों में से एक है हिंदू समाज को एकजुट करना। लोग कांग्रेस पार्टी में रहकर हिंदू-विरोधी गतिविधियां क्यों करें? उन्हें आना चाहिए। उन्हें अपने 'स्वाभाविक घर' में आना चाहिए... हम असम की पहचान को सुरक्षित रखना चाहते हैं। हम असम का तेज़ी से विकास करना चाहते हैं।"