बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी (Sushil Kumar Modi) कैंसर से जूझ रहे हैं। उन्होंने बुधवार (3 अप्रैल) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के माध्यम से यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वह पिछले 6 महीने से कैंसर से जूझ रहे हैं। मोदी ने कहा कि अब लगा कि लोगों को बताने का समय आ गया है।
72 वर्षीय बीजेपी सांसद ने कहा कि वह आगामी लोकसभा चुनाव नहीं लड़ पाएंगे क्योंकि वह 'पिछले छह महीने से कैंसर से लड़ रहे हैं।' बीजेपी नेता ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी इस घटनाक्रम से अवगत करा दिया है।
सुशील मोदी ने अपने पोस्ट में लिखा, पिछले 6 माह से कैंसर से संघर्ष कर रहा हूं। अब लगा कि लोगों को बताने का समय आ गया है। लोक सभा चुनाव में कुछ कर नहीं पाऊंगा। PM को सब कुछ बता दिया है। देश, बिहार और पार्टी का सदा आभार और सदैव समर्पित।"
सूत्रों के अनुसार, सुशील मोदी गले के कैंसर से पीड़ित हैं। उन्होंने गले में दर्द की शिकायत के बाद हाल ही में जांच कराई थी। जांच के बाद उन्हें कैंसर का पता चला था। फिलहाल उनका इलाज सीनियर डॉक्टरों की निगरानी में दिल्ली एम्स में चल रहा है।
सुशील मोदी की घोषणा पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बीजेपी नेता और पार्टी सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि उन्हें "गहरा दुख" हुआ है। उन्होंने कहा, "मैं उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।"
सुशील मोदी बिहार के डिप्टी सीएम के अलावा वित्त मंत्री भी रहे हैं। वह राज्यसभा सांसद भी रह चुके हैं। हालांकि इस साल उन्हें राज्यसभा नहीं भेजा गया। इसके अलावा भी वह बीजेपी में कई अहम पदों पर रह चुके हैं। 33 साल के सार्वजनिक जीवन में राज्यसभा, लोकसभा, विधान परिषद और विधान सभा सहित सभी सदनों के सदस्य रह चुके हैं। पांच साल तक विधान परिषद में भी नेता-प्रतिपक्ष का दायित्व निभाया।
सुशील मोदी ने जुलाई 2017 से नवंबर 2020 तक बिहार के डिप्टी सीएम के रूप में कार्य किया। दिसंबर 2020 में लंबी बीमारी के कारण अक्टूबर 2020 में लोक जनशक्ति पार्टी के सुप्रीमो राम विलास पासवान के निधन के बाद खाली हुई सीट को भरने के लिए उन्हें बिहार से राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुना गया।