Bihar Loksabha Election: 'दरवाजे खुले हुए हैं' पशुपति पारस ने NDA छोड़ने के दिए संकेत, बढ़ा दी BJP की टेंशन!
Bihar Loksabha Election: NDA के बिहार सीट-बंटवारे समझौते के तहत, पशुपति पारस के भतीजे, चिराग पासवान के नेतृत्व वाली लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को कथित तौर पर पांच सीटें दी गई हैं। पार्टी हाजीपुर सीट पर भी चुनाव लड़ेगी, जिसे चिराग पासवान के पिता और पारस के भाई, राम विलास पासवान ने 1977 से नौ बार जीता था
MoneyControl News
अपडेटेड Mar 16, 2024 पर 6:15 AM
Bihar Loksabha Election: RLJP प्रमुख पशुपति पारस ने कहा कि उनकी पार्टी कहीं भी जाने को ‘स्वतंत्र’ है और उनके ‘दरवाजे खुले हुए हैं’
Bihar Loksabha Election: राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (RLJP) प्रमुख और केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस ने शुक्रवार को कहा कि वह हाजीपुर सीट से लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections 2024) लड़ेंगे। BJP पर उनकी पार्टी के साथ न्याय नहीं करने का आरोप लगाते हुए पारस ने संकेत दिया कि वह सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) से बाहर निकल सकते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी कहीं भी जाने को ‘स्वतंत्र’ हैं और उनके ‘‘दरवाजे खुले हुए हैं’’।
उन्होंने कहा कि वह बिहार में NDA उम्मीदवारों की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करेंगे और उसके बाद अगले कदम के संबंध में कोई निर्णय लेंगे। पारस ने कहा कि वह हाजीपुर से चुनाव लड़ेंगे, जो उनके और चिराग पासवान के बीच विवाद का कारण रहा है।
BJP के साथ पारस ने अपनी निराशा का इजहार ऐसे समय में किया है, जब केंद्र में सत्तारूढ़ पार्टी ने हाजीपुर समेत बिहार में कई लोकसभा सीटों पर उनके दावे को नजरअंदाज करते हुए उनके भतीजे चिराग पासवान के साथ सीटों के बंटवारे का समझौता किया, जो लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के एक दूसरे धड़े का नेतृत्व करते हैं।
चिराग ने भी हाजीपुर से ठोकी ताल
चिराग ने इससे पहले संकेत दिया था कि उनकी पार्टी इस सीट से चुनाव लड़ेगी। उन्होंने यह भी कहा था कि BJP ने उनकी सभी चिंताओं का समाधान कर दिया है।
रामविलास पासवान के नेतृत्व वाली लोक जनशक्ति पार्टी 2020 में उनके निधन के बाद दो हिस्सों में बंट गई। उनके भाई पारस राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (RLJP) और उनके बेटे चिराग पासवान लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) का नेतृत्व करते हैं। दोनों BJP के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का हिस्सा हैं।
पारस ने यहां प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections 2024) के लिए बिहार में सीटों के बंटवारे पर उनकी पार्टी को ‘उचित प्राथमिकता’ नहीं देने पर BJP से निराशा जताई और कहा कि BJP नेतृत्व को अपने फैसले पर दोबारा विचार करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि RLJP BJP की 'ईमानदार सहयोगी' रही है और इसके नेतृत्व को यह ध्यान में रखते हुए फैसला लेना चाहिए कि राज्य में उनकी पार्टी के पांच सांसद हैं।
'BJP के साथ अब तक निभाई दोस्ती'
पारस ने कहा कि उनकी पार्टी ने BJP के साथ अपनी दोस्ती अब तक निभाई है।
उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन हमारी पार्टी के साथ न्याय नहीं हुआ है। हम भाजपा द्वारा उम्मीदवारों की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करेंगे और फिर निर्णय लेंगे।"
उन्होंने कहा, ''आज हमारे संसदीय बोर्ड के सदस्यों की बैठक हुई। मीडिया में आई खबरों के मुताबिक, NDA ने बिहार में सीट बंटवारे में हमारी पार्टी को उचित तरजीह नहीं दी है। इस वजह से हमारी पार्टी के कार्यकर्ताओं में काफी निराशा है।"
'हमारी पार्टी संतों का समूह नहीं'
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और BJP अध्यक्ष जेपी नड्डा से बिहार में सीट बंटवारे के फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा, "अगर हमें उचित सम्मान नहीं दिया जाता है, तो हम कहीं भी जाने के लिए स्वतंत्र हैं। हमारे दरवाजे खुले हैं। मुझे आज बस इतना ही कहना है।" उन्होंने कहा, "हमारी पार्टी संतों का समूह नहीं है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता सर्वोपरि है।"
बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नीत गठबंधन में शामिल होने की योजना के सवाल पर RLJP प्रमुख ने कहा कि उन्होंने अभी तक उनसे बात नहीं की है।
उन्होंने कहा, "हम बिहार में RJD उम्मीदवारों की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करेंगे और फिर निर्णय लेंगे।"
एक सवाल के जवाब में उन्होंने यह भी कहा कि वह हाजीपुर से चुनाव लड़ेंगे और उनके सांसद भी उन सीटों से चुनाव लड़ेंगे, जहां से वे 2019 के लोकसभा चुनावों में चुने गए थे।