'संविधान में संशोधन' को लेकर अनंत हेगड़े के बयान से BJP ने बनाई दूरी, 'निजी विचार' बताया

Ananth Kumar Hegde: अपने विवादित बयानों के लिए चर्चा में रहने वाले अनंत कुमार हेगड़े ने कहा कि बीजेपी को संविधान में संशोधन करने के लिए और कांग्रेस द्वारा इसमें जोड़ी गईं अनावश्यक चीजों को हटाने के लिए संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा में दो-तिहाई बहुमत की जरूरत होगी

अपडेटेड Mar 10, 2024 पर 10:19 PM
Ananth Kumar Hegde: 'संविधान में संशोधन' को लेकर सांसद अनंत हेगड़े के बयान को BJP ने 'निजी विचार' बताया

Lok Sabha Elections 2024: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 'संविधान में संशोधन (Change Constitution Remarks)' पर कर्नाटक के सांसद अनंत कुमार हेगड़े (BJP MP Ananth Kumar Hegde) के बयान से खुद को अलग कर लिया है। बीजेपी की कर्नाटक इकाई ने रविवार को एक बयान जारी कर इसे उनका "व्यक्तिगत विचार" बताते हुए कहा कि वह उनसे स्पष्टीकरण मांगेगी। BJP ने कहा कि वह संविधान को बरकरार रखने की अपनी अटूट प्रतिबद्धता दोहराती है और हेगड़े की टिप्पणी उसके रुख को प्रतिबिंबित नहीं करती है।

BJP की कर्नाटक इकाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में लिखा, "संविधान पर सांसद श्री अनंतकुमार हेगड़े की टिप्पणी उनके निजी विचार हैं और पार्टी के रुख को प्रतिबिंबित नहीं करती है। BJP देश के संविधान को बनाए रखने के लिए अपनी अटूट प्रतिबद्धता दोहराती है और हेगड़े से उनकी टिप्पणी के संबंध में स्पष्टीकरण मांगेगी।"

इसके अलावा हेगड़े के बयान पर बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा, ''बड़ी स्पष्टता से हम ये कहना चाहेंगे कि ये पार्टी का अधिकृत बयान नहीं है और पार्टी ने इस बयान का संज्ञान लेकर उनसे(अनंत कुमार हेगड़े) स्पष्टीकरण भी मांगा है। इसे दोहराना आवश्यक है कि जो भी वकतव्य उनके (अनंत कुमार हेगड़े) द्वारा दिया गया है वो उनका निजी वक्तव्य है।"


हेगड़े ने क्या कहा था?

अपने विवादित बयानों के लिए चर्चा में रहने वाले हेगड़े ने कहा कि बीजेपी को संविधान में संशोधन करने के लिए और कांग्रेस द्वारा इसमें जोड़ी गईं अनावश्यक चीजों को हटाने के लिए संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा में दो-तिहाई बहुमत की जरूरत होगी। उन्होंने कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि बीजेपी को इसके लिए 20 से अधिक राज्यों में सत्ता में आना होगा।

पीटीआई के मुताबिक, कर्नाटक से 6 बार के लोकसभा सदस्य हेगड़े ने रविवार (10 मार्च) कहा, "अगर संविधान में संशोधन करना है, कांग्रेस ने संविधान में अनावश्यक चीजों को जबरदस्ती भरकर, विशेष रूप से ऐसे कानून लाकर, जिनका उद्देश्य हिंदू समाज को दबाना था, संविधान को मूल रूप से विकृत कर दिया है- यदि यह सब बदलना है, तो यह इस (वर्तमान) बहुमत के साथ संभव नहीं है।"

सांसद ने नागरिकता (संशोधन) अधिनियम के मामले का भी हवाला दिया, जिसे उन्होंने लोकसभा में और फिर बाद में राज्यसभा में पारित किया था। उन्होंने बताया कि लेकिन कई राज्य सरकारों ने इसे मंजूरी नहीं दी और इसलिए इसे लागू नहीं किया जा सका।

विपक्ष का पलटवार

हेगड़े के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कर्नाटक के डिप्टी सीएम और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने कहा कि यह दिखाता है कि भारतीय जनता पार्टी संविधान विरोधी है। उन्होंने पत्रकारों से कहा, "उन्हें ऐसा करने दें, संविधान में संशोधन करें... इससे पता चलता है कि (केंद्र की) BJP सरकार और BJP सांसद बाबासाहेब आंबेडकर के दिए संविधान के खिलाफ हैं।"

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यह पहली बार नहीं है जब हेगड़े ने इस तरह की टिप्पणी की है। 2017 में तत्कालीन केंद्रीय कौशल विकास राज्य मंत्री हेगड़े ने संविधान को बदलने के बारे में अपनी टिप्पणियों से भारी विवाद खड़ा किया था। बाद में उन्होंने माफी मांगी थी। उन्होंने अपनी सफाई में कहा था कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया।

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