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Electoral Bond: चुनाव आयोग ने जारी किया इलेक्टोरल बॉन्ड का नया डेटा, अब यूनिक नंबर से पार्टियों के साथ दाना करने वालों का होगा मिलान

Electoral Bond: स्टेट बैंक ऑफ इंडिया इलेक्टोरल बॉन्ड बेचने और कैश कराने के लिए अधिकृत एकमात्र बैंक था, जो पहली बार मार्च 2018 में जारी किए गए थे। पिछले महीने शीर्ष अदालत ने इस बॉन्ड योजना को रद्द कर दिया था। चुनाव आयोग ने कहा कि उसने अपनी वेबसाइट पर चुनावी बॉन्ड पर SBI से प्राप्त डेटा को "ज्यों का त्यों" अपलोड कर दिया

MoneyControl Newsअपडेटेड Mar 21, 2024 पर 9:51 PM
Electoral Bond: चुनाव आयोग ने जारी किया इलेक्टोरल बॉन्ड का नया डेटा, अब यूनिक नंबर से पार्टियों के साथ दाना करने वालों का होगा मिलान
Electoral Bond: चुनाव आयोग ने जारी किया इलेक्टोरल बॉन्ड का नया डेटा

Electoral Bond: भारत के चुनाव आयोग (EC) ने गुरुवार को पार्टियों के साथ दानदाताओं का मिलान करने के लिए इलेक्टोरल बॉन्ड का एक नया डेटा जारी कर दिया है। इसमें बॉन्ड नंबर भी दिए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, दिन में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की तरफ से डिटेल पेश किए जाने के बाद दानदाताओं और बॉन्ड हासिल करने वाले दलों की दो अलग-अलग लिस्ट पोल पैनल की तरफ से अपनी वेबसाइट पर पब्लिश की गईं।

इसी के साथ आयोग ने इलेक्टोरल बॉन्ड के नए आंकड़े सार्वजनिक किए, जिनमें इनकी बॉन्ड का यूनिक अल्फान्यूमेरिक नंबर भी शामिल हैं। यूनिक अल्फान्यूमेरिक नंबर से, चंदा हासिल करने वाले राजनीतिक दलों के साथ बॉन्ड के खरीदारों का मिलान करने में मदद मिल सकती है।

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने सुप्रीम कोर्ट आदेश के अनुसार बृहस्पतिवार को चुनावी बॉन्ड के संबंध में अपने पास मौजूद सारी जानकारी निर्वाचन आयोग को उपलब्ध करा दी।

इसके बाद, निर्वाचन आयोग ने चंदा देने वालों और इसे प्राप्त करने वालों की दो अलग-अलग लिस्ट अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित कर दी।

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