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EVM-VVPAT कैसे करती है काम, चुनाव आयोग हमें समझाए, सुप्रीम कोर्ट ने EC से मांगा जवाब

जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस दीपांकर दत्ता की बेंच ने वोटर वैरिफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल (VVPAT) के साथ EVM के जरिए डाले गए वोटों के 100 फीसदी क्रॉस-चेकिंग की मांग करने वाली याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है

Shubham Sharmaअपडेटेड Apr 24, 2024 पर 1:19 PM
EVM-VVPAT कैसे करती है काम, चुनाव आयोग हमें समझाए, सुप्रीम कोर्ट ने EC से मांगा जवाब
EVM-VVPAT कैसे करती है काम, चुनाव आयोग हमें समझाए, सुप्रीम कोर्ट ने EC से मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट (SC) ने बुधवार को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) की वर्किंग से जुड़े कुछ पहलुओं पर चुनाव आयोग (Election Commission) से स्पष्टीकरण मांगा, और दोपहर 2 बजे चुनाव पैनल के एक वरिष्ठ अधिकारी को भी तलब किया। जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस दीपांकर दत्ता की बेंच ने वोटर वैरिफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल (VVPAT) के साथ EVM के जरिए डाले गए वोटों के 100 फीसदी क्रॉस-चेकिंग की मांग करने वाली याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। कोर्ट ने कहा कि इसे कुछ पहलुओं पर स्पष्टीकरण की जरूरत है। EVM पर चुनाव आयोग के FAQs में दिए गए जवाबों में कुछ भ्रम है।

बेंच ने एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी, जो चुनाव आयोग की ओर से पेश हुई थीं, उनसे कहा, "हम गलत नहीं होना चाहते, इसलिए अपने निष्कर्षों पर दोबारा आश्वस्त होना चाहते हैं और इसलिए हमने स्पष्टीकरण मांगने के बारे में सोचा।"

शीर्ष अदालत भाटी को दोपहर 2 बजे वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त नितेश कुमार व्यास को बुलाने के लिए कहा। व्यास ने इससे पहले EVM के काम करने के तरीके पर अदालत में एक प्रेजेंटेशन दिया था।

सुप्रीम कोर्ट ने पूछे ये 4 सवाल:

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