'मोदी 3.0 की 100-दिन की योजना' पर चुनावी मौसम में कैसे कड़ी मेहनत कर रहे हैं नौकरशाह
पीएम ने नौकरशाहों से कहा कि "जब मैं जून में वापस आऊंगा, तो 100-दिन और 5-साल की योजना की समीक्षा करूंगा।" जून के तीसरे हफ्ते तक पीएम की समीक्षा पूरी होने के बाद योजनाओं को समझाने के लिए सभी मुख्यमंत्रियों के साथ NITI आयोग की बैठक बुलाए जाने की भी उम्मीद है
'मोदी 3.0 की 100-दिन की योजना' पर चुनावी मौसम में कैसे कड़ी मेहनत कर रहे हैं नौकरशाह (FILE PHOTO)
जहां सभी राजनेता चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं, तो वहीं राजधानी के शीर्ष नौकरशाह अगली सरकार के लिए '100-दिन का वर्किंग प्लान' तैयार करने में आधी रात को पसीना बहा रहे हैं। ये सब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 3 मार्च को अधिकारियों के साथ हुई बैठक के बाद शुरू हुआ। News18 के मुताबिक, सरकार के सभी सचिवों को 10 सेक्टोरल ग्रुप का हिस्सा बनाया गया है और वे योजना के "छह बिल्डिंग ब्लॉक्स" पर काम कर रहे हैं। ये अधिकारी मई के आखिर तक ब्लूप्रिंट को तैयार करने के लिए कैबिनेट सचिव के सामने प्रेजेंटेशन दे रहे हैं। बड़ी बात ये है कि ये काम वीकेंड और छुट्टी के दिन भी चल रहा है।
News18 ने सूत्रों के हवाले से कहा कि पीएम मोदी ने 3 मार्च को सभी सचिवों के साथ 9 घंटे की लंबी बैठक में कहा, "यह चुनाव अलग होगा। चुनाव के बावजूद नियमित काम जारी रहेगा। चुनावी मौसम के बावजूद नौकरशाही लगातार काम करते रहना।"
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि उनकी सरकार के तहत, "नौकरशाह भूल गए थे कि संडे क्या होता है" और उनसे '100 दिन के वर्किंग प्लान' के लिए कुछ "बड़ा सोचने" के लिए कहा।
पीएम ने नौकरशाहों से कहा कि "जब मैं जून में वापस आऊंगा, तो 100-दिन और 5-साल की योजना की समीक्षा करूंगा।" जून के तीसरे हफ्ते तक पीएम की समीक्षा पूरी होने के बाद योजनाओं को समझाने के लिए सभी मुख्यमंत्रियों के साथ NITI आयोग की बैठक बुलाए जाने की भी उम्मीद है।
News18 को मिली जानकारी के अनुसार, पहले 100 दिनों का विजिन तकनीक अपनाने, डिजिटल सशक्तिकरण और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल पर "नागरिक-सशक्त सरकार" की ओर बढ़ रहा है।
100-दिन की योजना के लिए सचिवों की ओर से पहचाने गए छह बिल्डिंग ब्लॉक हैं- "मैक्रोइकॉनॉमी, सशक्त नागरिक, संपन्न और टिकाऊ अर्थव्यवस्था, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन लीडरशिप, प्रभावी शासन और विश्वबंधु के रूप में भारत"
टेबल पर क्या-क्या है?
पहले 100 दिनों में फोकस नागरिकों के ज्यादा सशक्तीकरण, संस्थानों को मजबूत करने, तय लक्ष्य, डेटा-ऑपरेटेड शासन और नियमों की समीक्षा पर रहने की उम्मीद है।
News18 से बात करने वाले सूत्रों के अनुसार, कुछ प्रमुख कदम, नागरिकों के अनुपालन बोझ को कम करने के लिए कानूनों की समीक्षा करने के लिए 'जन विश्वास 2.0' कदम, पेपर लीक विरोधी कानून को लागू करना, सभी नागरिक सेवाओं की डिजिटल डिलीवरी के लिए तंत्र लाना, ई-पासपोर्ट के एक पायलट का शुभारंभ, जिला और अधीनस्थ अदालत के मामलों के 100 करोड़ पृष्ठों का डिजिटलीकरण, उत्तर-पूर्व के लिए 4,000 करोड़ रुपए की परियोजनाओं को मंजूरी, छह नए विदेशी मिशन और दो वाणिज्य दूतावास, और जल्द ही आयोजित होने वाले एक ग्लोबल मीडिया और मनोरंजन समिट की घोषणा, सेवाओं का नया अधिकार कानून शामिल हैं।
एक सूत्र ने कहा कि कई लोगों ने सोचा था कि पीएम के साथ 3 मार्च की बैठक सरकार के दूसरे कार्यकाल के लिए एक 'विदाई बैठक' थी, लेकिन मोदी लगभग नौ घंटे तक सचिवों के साथ और फिर मंत्रिपरिषद के साथ बैठे।
2019 में मोदी की तरफ से '100-दिन की योजना' का अभ्यास भी किया गया था, लेकिन सूत्रों ने कहा कि वर्तमान अभ्यास अलग है, क्योंकि एजेंडा को हाई लेवल पर पेश किया गया है।
'विजन 2047' पर हो रहा काम
एक सूत्र ने कहा, "100-दिन की योजना, 5 साल की योजना में शामिल है, जो विजन 2047 का हिस्सा है। मोदी सरकार इसके लिए बड़े पैमाने पर काम कर रही है।"
एक सूत्र ने कहा कि प्रधानमंत्री ने यह भी पूछा है कि क्या अब परिवारों और अकेले रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों के पहलू में देश की बदलती जनसांख्यिकी का अध्ययन करने के लिए एक समिति बनाई जा सकती है। यह भी सुझाव दिया गया है कि केंद्र सरकार का आधिकारिक पत्राचार अंग्रेजी और हिंदी के अलावा तमिल में भी हो, क्योंकि प्रधानमंत्री ने हाल ही में एक इंटरव्यू में तमिल को बढ़ावा देने की बात कही है।
पीएम मोदी ने अधिकारियों से उत्तर-पूर्व पर ध्यान केंद्रित रखने, क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करने और वैश्विक संस्थानों में देश की भागीदारी बढ़ाने को भी कहा है। नई सरकार के पहले 100 दिनों में IAS ट्रेनिंग और कैडर आवंटन नियमों की व्यापक समीक्षा होने की संभावना है। पीएम मोदी का खासा जोर सरकारी योजनाओं को आखिरी व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए "बड़े नजरिए" पर है।
कुछ महत्वपूर्ण विषय जिन पर 100-दिन की योजना तैयार की जा रही है, वो हैं 'महिलाओं के नेतृत्व वाला विकास', 'अस्तित्व से परे हरित अर्थव्यवस्था', 'जीवंत सामाजिक-आर्थिक केंद्र के रूप में सिटी ग्रुप' और 'भारत दुनिया के लिए स्टार्ट-अप इकोसिस्टम बनाने पर है।'
सत्ता में आने पर मोदी सरकार अपने तीसरे कार्यकाल में राष्ट्रीय मुकदमेबाजी नीति पर भी काम करेगी, इटली के साथ प्रत्यर्पण संधि पर हस्ताक्षर करेगी और DD न्यूज और प्रसार भारती के सुधार पर काम करेगी।