नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के लगातार तीसरी बार प्रधानंत्री बनने के बाद भारत अगले एक साल में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने 9 मई को झारखंड में ये बातें कही। झारखंड की राजधानी रांची में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीतारमण ने कहा, "मोदी सरकार एक बार फिर से तीसरे कार्यकाल के लिए आएगी। जैसा कि प्रधानमंत्री ने कहा है, भारत की इकोनॉमी आने वाले साल में पांचवें स्थान से उछलकर तीसरे स्थान पर पहुंच जाएगी।" उन्होंने कहा, "इसके लिए झारखंड के सहयोग की भी जरूरत है। इसलिए मैं सभी से अपील करूंगी कि देश की भलाई और भ्रष्टाचार मुक्त शासन के लिए वोट करें। हम झारखंड में जंगल राज नहीं चाहते।"
सीतारमण का यह बयान नवंबर 2023 के उनके पिछले बयान की तुलना में कहीं अधिक तेजी से भारत के पांचवी से बढ़कर तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य का संकेत देता है। तब सीतारमण ने कहा था कि देश 2027 तक जापान और जर्मनी को पीछे छोड़कर तीसरे स्थान पर पहुंच सकता है।
पिछले महीने, इंटरनेशनल मॉनिटरी फंड (IMF) ने वित्त वर्ष 2025 के लिए भारत की GDP ग्रोथ के अनुमान को बढ़ाकर 6.8 प्रतिशत कर दिया था। यह उसके इस साल जनवरी में दिए 6.5 प्रतिशत के अनुमान से 0.30 प्रतिशत अधिक है। IMF ने घरेलू मांग की स्थिति और बढ़ती कामकाजी उम्र की आबादी का हवाला GDP ग्रोथ अनुमान को बढ़ाया
वित्त मंत्री ने झारखंड में हर स्तर पर सुधार की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार, पलायन और अराजकता का खामियाजा भुगत रहा है और राज्य के शासन में बदलाव समय की जरूरत है। साथ ही उन्होंने केंद्र की ओर से झारखंड के साथ सौतेले व्यवहार के आरोपों को भी खारिज किया।
सीतारमण ने कहा, “संसाधनों से भरपूर यह भूमि अब बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का शिकार हो गई है। यह पलायन और अराजकता का दंश भी झेल रही है। और यहां उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल नहीं है।” सीतारमण ने कहा कि उद्योगों की बहाली के जरिए पूर्वी भारत देश के विकास का इंजन बन सकता है।
वित्त मंत्री ने कहा, "ईज ऑफ डूइंग के मामले में झारखंड शीर्ष 5 राज्यों में शुमार हुआ करता था लेकिन अब यहां ‘जंगल राज’ है। यदि कानून व्यवस्था में सुधार होता है तो राज्य में निवेश बढ़ेगा। झारखंड के शासन में बदलाव समय की मांग है।" उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री की ओर से राज्य के साथ सौतेला व्यवहार किए जाने के (विपक्ष के) आरोप निराधार हैं... झारखंड को 2024-25 के बजट में रेल परियोजनाओं के लिए रिकॉर्ड 7,200 करोड़ रुपये आवंटित किए गए।"