पिता की हत्या के बाद, राजनीति में रखना पड़ा कदम, बरही सीट पर कांग्रेस ने अरुण साहू पर खेला दांव, बताया जीतने के बाद करेंगे ये काम

Jharkhand Election 2024: 8 मार्च 2014 को आजसु नेता तिलेश्वर साहू की घर से करीब 200 मीटर दूर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद न चाहते हुए भी अरुण साहू को राजनीति में आना पड़ा। अब कांग्रेस ने उन्हें बरही विधानसभा से अपना उम्मीदवार बनाया है। वहीं दूसरी तरफ बीजेपी ने एकबार फिर से मनोज कुमार यादव पर अपना दाव चला है

अपडेटेड Nov 02, 2024 पर 6:05 PM
झारखंड विधानसभा चुनाव के बीच बरही विधानसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार अरुण साहू इन दिनों काफी चर्चा का विषय बने हुए है।

Jharkhand Election News: झारखंड में विधानसभा चुनाव का ऐलान हो चुका है। 81 सीटों वाली झारखंड विधानसभा के लिए दो फेज में 13 और 20 नवंबर को वोटिंग होनी है, जिसके लिए सभी पार्टियों की तरफ से तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसी बीच हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र की बरही विधानसभा हॉट सीट बनकर उभरी है। उसकी वजह है कांग्रेस के उम्मीदवार अरुण साहू। कांग्रेस ने यहां से अपने वर्तमान विधायक उमाशंकर अकेला का टिकट काटकर अरुण साहू को मैदान में उतारने का फैसला किया है। अरुण साहू दिवंगत नेता तिलेश्वर साहू के बेटे हैं।

गोली मारकर पिता की कर दी गई थी हत्या

8 मार्च 2014 को आजसु नेता तिलेश्वर साहू की घनके घर से करीब 200 मीटर दूर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद न चाहते हुए भी अरुण साहू को राजनीति में आना पड़ा। अब कांग्रेस ने उन्हें बरही विधानसभा से अपना उम्मीदवार बनाया है। वहीं दूसरी तरफ बीजेपी ने एकबार फिर से मनोज कुमार यादव पर अपना दाव चला है। मनोज कुमार 2019 में भी BJP के टिकट पर यहां से चुनाव लड़े थे, लेकिन कांग्रेस उम्मीदवार उमाशंकर अकेला से चुनाव हार गए थे। मनोज कुमार को जहां 72,987 वोट मिले थे, तो वहीं अकेला को 84,358 वोट मिले और वो चुनाव जीत गए थे।


राजनीति में नहीं आना चाहते थे अरुण साहू

मीडिया से बातचीत में अरुण साहू ने बताया कि, वह राजनीति में कभी नहीं आना चाहते थे, लेकिन जब पिता की हत्या हुई, तो मजबूरी में राजनीति में आना पड़ा। उन्होंने बताया कि कांग्रेस नेतृत्व ने उनपर भरोसा जताया है, इसके लिए वह कांग्रेस नेतृत्व का धन्यवाद करते हैं। अरुण साहू ने ये भी बताया कि राजनीतिक दुश्मनी से उनके पिता की हत्या कर दी गई।

ये उनके और उनके घर वालों के लिए काफी बेहद परेशानी से भरा हुआ समय था। पिता के जाने के बाद लोगों ने उनकी मां से राजनीति में आने के लिए निवेदन किया, लेकिन उस वक्त BJP और आजसू के बीच गठबंधन होने के कारण यह सीट भाजपा के हिस्से में चली गई, जिस कारण उनकी मां झारखंड मुक्ति मोर्चा से चुनाव लड़ी थीं, जहां उन्हें 39000 वोट मिले। 2017 से वह कांग्रेस में आ गए।

चुनाव जीते तो करेंगे ये काम

अरुण साहू अपने इंटरव्यू में बताते हैं कि पिछले 30 सालों से बरही विधानसभा क्षेत्र में दो लोगों का शासन रहा है, लेकिन आज तक कई काम अधूरे पड़े हुए हैं। पेयजल की समस्या काफी बड़ी है, लेकिन अब तक इसका समाधान नहीं हुआ है। गांव की सड़कों की हालत बहुत ही खराब है। साहू कहते हैं कि अगर वह चुनाव जीत कर आते हैं. तो इन सब समस्याओं का समाधान किया जाएगा।

बरही विधानसभा सीट पर इस बार त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल सकता है। बीजेपी ने यहां से पूर्व विधायक मनोज कुमार यादव को अपना उम्मीदवार बनाया है, तो वहीं कांग्रेस ने अपने वर्तमान विधायक का टिकट काट कर अरुण साहू  पर अपना दाव खेला है। टिकट कटने से नाखुश उमाशंकर अकेला समाजवादी पार्टी के सिंबल पर चुनावी मैदान में हैं।

Jharkhand Chunav 2024: क्या 5 वर्ष में 7 साल बढ़ गई सीएम हेमंत सोरेन की उम्र? BJP के दावे से लोग हैरान

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।