सीएम पद से हटाए जाने पर 'अपमानित' महसूस कर रहे हैं चंपई सोरेन! क्या हेमंत सोरेन के दबाव में दिया इस्तीफा?

Jharkhand Politics: हेमंत सोरेन ने 31 जनवरी को अपनी गिरफ्तारी से पहले मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। चंपई सोरेन ने 2 फरवरी को झारखंड के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। हेमंत सोरेन को लगभग पांच महीने बाद 28 जून को जेल से रिहा किया गया था

अपडेटेड Jul 04, 2024 पर 11:58 AM
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Jharkhand Politics: शपथ लेने के बाद हेमंत सोरेन झारखंड के 13वें मुख्यमंत्री होंगे

Jharkhand Politics: झारखंड के मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने बुधवार (3 जुलाई) को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के नेता हेमंत सोरेन ने राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया। इससे पहले, सत्तारूढ़ महा गठबंधन के नेताओं और विधायकों ने चंपई सोरेन के आवास पर एक बैठक में सर्वसम्मति से हेमंत सोरेन को JMM विधायक दल का नेता चुना। हेमंत सोरेन ने सरकार बनाने का दावा पेश किया और जल्द ही शपथग्रहण समारोह आयोजित होने की संभावना है। शपथ लेने के बाद हेमंत सोरेन झारखंड के 13वें मुख्यमंत्री होंगे।

हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी के बाद 2 फरवरी को झारखंड के 12वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने वाले चंपई सोरेन ने बुधवार शाम को राजभवन में राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात की। इस दौरान JMM के कार्यकारी अध्यक्ष की उपस्थिति में अपना इस्तीफा दे दिया जिससे दिन भर चलीं अटकलों पर विराम लग गया। झारखंड 15 नवंबर 2000 को बिहार से अलग होकर एक पृथक राज्य बना था। झारखंड में JMM, कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के गठबंधन की सरकार है।

CM ने हेमंत सोरेन के दबाव में दिया इस्तीफा?


पीटीआई ने JMM के एक सूत्र के हवाले से बताया, "बैठक में चंपई सोरेन की जगह हेमंत सोरेन को लाने का फैसला लिया गया।" पार्टी सूत्रों के मुताबिक, चंपई सोरेन की जगह हेमंत सोरेन को लाने का फैसला तो लिया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि JMM खेमे में सब कुछ ठीक नहीं है। एनडीटीवी को सूत्रों ने बताया कि जेएमएम विधायक दल की बैठक में लिए गए फैसले से चंपई सोरेन "अपमानित" महसूस कर रहे हैं।

हेमंत सोरेन को लगभग पांच महीने बाद 28 जून को जेल से रिहा किया गया, क्योंकि हाई कोर्ट ने उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत दे दी थी। झारखंड में सत्ता परिवर्तन के बीच, भारतीय जनता पार्टी (BJP) हेमंत सोरेन के लिए चंपई सोरेन को मुख्यमंत्री पद से हटाने के लिए सोरेन परिवार पर निशाना साध रही है। बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि बाहरी लोगों का परिवार-उन्मुख पार्टी में कोई राजनीतिक भविष्य नहीं है।

JMM प्रमुख शिबू सोरेन के बेटे हेमंत सोरेन को विधायक दल का नेता चुनने के लिए हुई बैठक में कांग्रेस के झारखंड प्रभारी गुलाम अहमद मीर और प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर के अलावा हेमंत सोरेन के भाई बसंत और पत्नी कल्पना भी मौजूद थीं। हाई कोर्ट द्वारा कथित भूमि घोटाले से जुड़े मामले में जमानत दिए जाने के बाद हेमंत सोरेन को गिरफ्तारी के लगभग पांच महीने बाद 28 जून को जेल से रिहा कर दिया गया था।

सुप्रीम कोर्ट जा सकती है ED

उन्होंने 31 जनवरी को अपनी गिरफ्तारी से पहले मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। इस बीच, नई दिल्ली में आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि ED जल्द ही झारखंड हाई कोर्ट के उस आदेश के खिलाफ विशेष अनुमति याचिका के साथ सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकता है जिसमें मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हेमंत सोरेन को जमानत दी गई थी।

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इस बीच, बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया प्लेट फॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा, "झारखंड में चंपई सोरेन युग खत्म हो गया है। परिवारवादी पार्टी में, परिवार के बाहर के लोगों का कोई राजनीतिक भविष्य नहीं है। मैं चाहता हूं कि मुख्यमंत्री भगवान बिरसा मुंडा से प्रेरणा लें और भ्रष्ट हेमंत सोरेन जी के खिलाफ खड़े हो जाएं।"

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