Kanniyakumari Lok Sabha Elections 2024: तमिलनाडु में लोकसभा की 39 सीटें हैं। उनमें से एक कन्याकुमारी भी शामिल हैं। तमिलाडु के दक्षिण तट पर बसा एक शहर है। यह हिन्द महासागर, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर का संगम स्थल है। इसमें 6 विधानसभा सीटें आती हैं। इनमें कन्याकुमारी, नागरकोइल, कोलाचल, पद्मनाभपुरम, विलावनकोड और किल्लियूर हैं के नाम शामिल हैं। किसी समय में कन्याकुमारी कांग्रेस और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (Dravida Munnetra Kazhagam (DMK) का गढ़ रहा है। हालांकि अब हाल के सालों में भाजपा की लोकप्रियता में इजाफा हुआ है। जिससे सियासी समीकरण में काफी बदलाव नजर आ रहा है।
लोकसभा चुनाव 2014 में बीजेपी तो 2019 में कांग्रेस ने इस सीट पर बाजी मारी थी। कन्याकुमारी लोकसभा सीट पर 2014 में बीजेपी उम्मीदवार पी राधाकृष्णन (P Radhakrishnan) ने विजय का परचम लहराया था। वहीं साल 2019 के चुनाव में इस सीट पर कांग्रेस नेता एच. वसंत कुमार (H Vasanthakumar) ने बाजी मारी थी।
जानिए इस साल कन्याकुमारी में सियासी समीकरण
तमिलनाडु के लोकसभा सीटों में कन्याकुमारी में बीजेपी का प्रदर्शन बेहतर रहा है। इस बार कन्याकुमारी में त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल सकता है। कांग्रेस के वसंत कुमार, बीजेपी से राधाकृष्णन और AIADMK से नाजरेथ पासिलियन चुनावी मैदान में ताल ठोंक रहे हैं। ऐसे में यहां त्रिकोणीय मुकाबला होने की उम्मीद जताई जा रही है। नाजरेथ सितंबर महीने में ही भाजपा से अलग हुए हैं। मौजूदा सांसद विजय वसंत के पिता की अगस्त 2020 में मौत हो गई थी। इसके बाद हुए उपचुनाव में वसंत कुमार को जीत हासिल हुई है। कन्याकुमारी विधानसभा सीट पर AIADMK का कब्जा है। वहीं नागरकोइल सीट बीजेपी के पास है। पद्मनाभपुरम से डीएमके का विधायक है और बाकी की तीनों सीटें कांग्रेस के पास हैं। ऐसे में देखा जाए तो कन्याकुमारी लोकसभा सीट पर किसी भी एक पार्टी का एकाधिकार नहीं है।
चुनावों में देखने को मिल सकता है ध्रुवीकरण
कन्याकुमारी लोकसभा सीट पर सांप्रदायिक ध्रुवीकरण भी खूब देखने को मिलता है। यहां की आबादी में 48.6 फीसदी हिंदू हैं। 46.8 फीसदी वोटर ईसाई हैं। मुसलमान और ईसाई वोटर मिलकर यहां 51 फीसदी का आंकड़ा पार कर लेते हैं। किसी उम्मीदवार को विजयी बनाने या हराने में अहम भूमिका निभाते हैं। यही वजह है कि इस सीट पर कई बार कांटे की टक्कर देखने को मिलती है।
कन्याकुमारी लोकसभा क्षेत्र में 19 अप्रैल को मतदान होना है। 4 जून को नतीजे घोषित किए जाएंगे। पर्यटन के लिहाज से कन्याकुमारी काफी अहम है। यहां लोग खिंचे हुए चले आते हैं। यहां दूर-दूर तक फैले समुद्र की विशाल लहरों के बीच यहां का सूर्योदय और सूर्यास्त का नजारा बेहद आकर्षक लगता है।