Lok Sabha Elections 2024: बिहार के मुजफ्फरपुर से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद अजय निषाद (BJP MP Ajay Nishad Quits) ने लोकसभा चुनाव से ठीक पहले पार्टी के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। कथित तौर पर मुजफ्फरपुर से टिकट नहीं दिए जाने के बाद वह बीजेपी से नाराज थे। उन्होंने कहा, ''आदरणीय जेपी नड्डा और बीजेपी के विश्वासघात से आहत होकर मैं पार्टी के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देता हूं।'' बीजेपी से इस्तीफा देने के बाद उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया है। उन्हें आगामी चुनाव लड़ने के लिए पार्टी से टिकट मिल सकता है।
वह 2014 से मुजफ्फरपुर से सांसद हैं। मुजफ्फरपुर सीट से लगातार मोदी लहर में 10 सालों तक सांसद रहे अजय निषाद इस्तीफे से पहले अपने X अकाउंट से 'मोदी का परिवार' टैग हटा दिया था। आज यानी मगंलवार (2 अप्रैल) को उन्होंने दिल्ली में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। कांग्रेस में शामिल होने के बाद उन्होंने X पर एक पोस्ट में कहा, "आज कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की है अगर आलाकमान का आदेश हुआ तो जनता के अदालत में आऊंगा....."
लोकसभा चुनाव को लेकर बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में जो सीट बंटवारा हुआ है उसके तहत BJP 17, JDU 16, चिराग पासवान की पार्टी LJP को 5, जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी को एक-एक सीट मिली है।
क्यों नाराज थे अजय निषाद?
अजय निषाद अब कांग्रेस पार्टी के सिंबल से मुजफ्फरपुर से लोकसभा का चुनाव लड़ सकते हैं। बीजेपी ने इस बार मुकेश सहनी की पार्टी छोड़कर आने वाले डॉ. राजभूषण चौधरी को यहां से टिकट दिया है। डॉ. राजभूषण को 2019 के चुनाव में अजय निषाद ने 4,09,988 वोटों से हराया था। 2019 में बीजेपी के सिंबल पर चुनाव लड़ रहे अजय निषाद को 6,59,833 वोट मिले थे। वहीं मुकेश सहनी की पार्टी VIP के प्रत्याशी राजभूषण चौधरी को 2,54,832 वोट मिले।
इस बार राजभूषण चौधरी VIP छोड़ बीजेपी में शामिल हो गए। बीजेपी ने अपने मौजूदा सांसद अजय निषाद को टिकट नहीं दिया। पार्टी ने डॉ. राजभूषण चौधरी को मुजफ्फरपुर से उम्मीदवार बना दिया। इसी बात को लेकर अजय निषाद काफी दिनों से नाराज चल रहे थे। उनका इस तरह टिकट कटेगा, इसकी उम्मीद उन्हें भी नहीं थी। लेकिन, इससे भी बड़ा झटका अजय निषाद के लिए यह रहा कि उन्होंने जिस प्रत्याशी को बड़े अंतर से हराया था, बीजेपी ने उसी पर दांव खेला।