Lok Sabha Chunav 2024: ओलंपिक कोटा हासिल कर राहत महसूस कर रही विनेश फोगाट (Vinesh Phogat) का मानना है कि पेरिस खेलों की तैयारी के लिए 50 किग्रा के सबसे निचले वर्ग में अपना वजन बनाए रखना उनके लिए चुनौतीपूर्ण होगा। देश की सबसे सफल महिला पहलवार विनेश ने एशियाई ओलंपिक क्वालीफायर में शानदार प्रदर्शन किया, जहां उन्होंने बिना अंक गंवाए अपना लगातार तीसरा ओलंपिक कोटा (Paris Olympics Quota) पक्का कर लिया। ओलंपिक कोटा हासिल करने के बाद विनेश फोगाट ने अब उत्तर प्रदेश की कैसरगंज संसदीय सीट से बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह (Bhushan Sharan Singh) पर निशाना साधा है। उन्होंने बृजभूषण के खिलाफ अंतिम सांस तक लड़ाई का ऐलान किया है।
साल के अंत मे खेलो का महाकुंभ ओलंपिक इस बार पेरिश में होने जा रहा है ओर इस पेरिश ओलंपिक में कुश्ती के पहलवानों से देश को सबसे ज्यादा पदकों की उम्मीद है। महिला कुश्ती के 50 किलो वर्ग भार में देश की स्टार पहलवान विनेश फोगाट ने देश को ओलंपिक में कोटा दिला दिया है। सोनीपत पहुंची फोगाट ने कहा कि पिछले 1 से 2 साल में उनकी कुश्ती प्रभावित हुई है, लेकिन उसके बावजूद भी वो एक बार फिर मेट पर अच्छा प्रदर्शन कर पाई।
इसके लिए उन्होंने देशवासियों को हार्दिक बधाई दी और कहा कि देशवासियों की दुआ मेरे साथ थी। उन्होंने कहा कि जब भी कोई खिलाड़ी देश के लिए ओलंपिक मेडल जीतता है तो पूरे देश को खुशी होती है। बृजभूषण पर एक बार फिर फोगाट ने हमला करते हुए कहा कि उन्होंने बीजेपी सांसद के खिलाफ लड़ाई जारी रखने की बात कह डाली और कहा कि अगर बृज भूषण शरण को अगर बीजेपी ने टिकट दी तो वह उसका कड़ा विरोध करेंगे।
राजनीतिक बहिष्कार की अपील
उन्होंने कहा कि अगर उन्हें टिकट मिलता है तो इससे यह स्पष्ठ हो जाएगा कि बीजेपी उसे फ्री हैंड देते हुए ये सब काम करने का लाइसेंस दे रही है। फोगाट ने कहा कि बृजभूषण का तो सामाजिक और राजनीतिक बहिष्कार होना चाहिए। वह अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करके बचता हुआ जा रहा है। अगर उसके शक्तियां नही होगी और निष्पक्ष जांच होगी। हमे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है कि हमे न्याय मिलेगा और आरोपी को सजा मिलेगी।
इसके अलावा विनेश ने कहा कि देश के किसान हरियाणा और पंजाब की सीमाओं पर MSP की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे है जिसका समर्थन विनेश फोगाट ने भी किया। फोगाट ने आंदोलन पर बोलते हुए कहा कि हम किसान आंदोलन का समर्थन करते है और सरकार को किसानों की एमएसपी की मांग को मानना चाहिए।